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शौचालय प्रोत्साहन राशि भुगतान नहीं होने से भंग हो रही शांति, सरपंच व हितग्राही के बीच जमकर हुई मारपीट

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Oct 16, 2019 07:10 AM | Updated: Oct 15, 2019 23:34 PM

Bemetara

शौचालय प्रोत्साहन राशि भुगतान को लेकर ग्राम बेरा सरपंच देवेंद्र वर्मा व हितग्राही डोमन वर्मा के बीच जिला पंचायत कार्यालय में मारपीट हो गई।

बेमेतरा. शौचालय प्रोत्साहन राशि भुगतान को लेकर ग्राम बेरा सरपंच देवेंद्र वर्मा व हितग्राही डोमन वर्मा के बीच जिला पंचायत कार्यालय में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने धारा 294, 506, 323 के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गाली-गलौज व मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। विवाद में घायल सरपंच देवेंद्र वर्मा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।

203 हितग्राहियों का 25 लाख रुपए का भुगतान है लंबित
सरपंच ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम बेरा में करीब 235 शौचालयों का निर्माण हुआ है। इनमें से 180 शौचालयों का निर्माण पंचायत व 53 शौचालयों का निर्माण हितग्राहियों ने कराया है। जिला पंचायत में 203 शौचालयों का 25 लाख रुपए भुगतान लंबित है। भुगतान को लेकर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इस संबंध में संबंधित हितग्राहियों को बार-बार अवगत कराने के बावजूद, समझने कों तैयार नहीं है। सरपंच के अनुसार स्वयं से निर्माण कराए 13 हितग्राहियों की प्रोत्साहन राशि बकाया है।

भुगतान को लेकर जिला पंचायत कार्यालय में विवाद
सरपंच ने बताया कि ग्रामीणों ने भुगतान को लेकर जनचौपाल में शिकायत की थी। इसलिए भुगतान की जानकारी लेने सोमवार को जिला पंचायत में अधिकारियों से मुलाकात करने गए थे। इस दौरान हितग्राही डोमन वर्मा शाम करीब 4.30 बजे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचा और भुगतान को लेकर विवाद करने लगा। बार-बार समझाने के बावजूद हितग्राही मारपीट करने के साथ गाली-गलौज करने लगा। उसके विपरीत हितग्राही ने सरपंच पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे ने कहा कि शौचालय प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने को लेकर बेरा के ग्रामीणों की शिकायत मिली है, मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

हजारो हितग्राही प्रोत्साहन राशि से वंचित
केन्द्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत हर गांव को खुले में शौच मुक्त करने करोड़ो रुपए खर्च किए। प्रत्येक शौचालय के लिए सरकार ने हितग्राही को 12-12 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया। शासन की ओर से उपयोगिता प्रमाण पत्र कार्यालय में जमा होने के बाद पंचायतों को प्रोत्साहन राशि जारी की गई, लेकिन अभी भी हजारों हितग्राही प्रोत्साहन राशि के लिए पंचायत व संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। जिले में दर्जनों सरपंच पर प्रोत्साहन राशि गबन के आरोप लगे है। इनकी जांच जारी है।