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आखिर हमारे बच्चे कैसे बन पाएंगे बड़े अफसर, जब स्कूल में 15 साल में नहीं हो सकी अंग्रेजी व गणित के शिक्षक की व्यवस्था

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Jul 19, 2019 07:12 AM | Updated: Jul 19, 2019 00:23 AM

Bemetara

जिले में शिक्षा व्यवस्था बदहाल, ग्राम बेरा के ग्रामीणों ने कलक्टर के सामने बयां किया अपना दर्द, मिडिल स्कूल से टीसी निकाल रहे बच्चों के पालक

बेमेतरा. ग्राम बेरा के पालकों एवं ग्रामीणों ने कलक्टर से मुलाकात की। उन्होंने स्कूल के लिए अंग्रेजी और गणित की शिक्षक मांगा। उन्होंने बताया कि कई साल से ऐसी स्थिति बनी हुई है, जिससे स्कूल में बच्चों की संख्या में कमी आने लगी है। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित है ग्राम बेरा। यहां शासकीय पूर्व माध्यमिक स्कूल में 15 साल से गणित व अंग्रेजी के शिक्षक नहीं है। किसी तरह व्यवस्ता कर काम चलाया जा रहा है। अब पालक तंग आकर बच्चों की टीसी निकालने लगे हैं। दोनों विषय में विद्यार्थी कमजोर साबित हो रहे हैं। इससे पालक परेशान हैं। अब बच्चे दूसरे गांव में पढऩे लगे हैं।

सिर्फ कोरा आश्वासन देते हैं अधिकारी
पालक सतानंद यादव, बिहारी, सुशील कुमार, ईश्वर सिंह वर्मा, नरेश चंद्राकर, अनिल, चिंताराम चौहान, बिसंभर दास ने बताया कि पूर्व कलक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी को भी समस्या से अवगत करा चुके हैं। सिर्फ भरोसा दिलाया गया है। कलक्टर शिखा राजपूत तिवारी ने ग्रामीणों से कहा कि डीईओ को आवश्यक कार्यवाही करने निर्देशित करेंगी।

आंदु गांव के स्कूल में शिक्षक नहीं, बचे केवल प्रधान पाठक
बेरला तहसील के ग्राम आंदु के मिडिल स्कूल के शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इसके बाद अब एक ही शिक्षक बचे हैं, वे भी प्रधान पाठक हैं। ऐसे में तीन कक्षाओं की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है। गांव के युवा हेमंत वैष्णव, अरुण साहू ने कलक्टर से अवगत कराते हुए निराकरण करने की बात कही है। ग्राम खुड़मुड़ा के स्कूल में भी शिक्षक की कमी होने की शिकायत किया गया है। बेमेतरा विकासखंड के ग्राम सुखाताल के स्कूल में इस तरह की स्थिति से पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई है।