स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

देना बैंक में गबन, पूर्व मैनेजर ने ग्राहकों के साथ मिलकर की पैसों की हेराफरी, ऐसे खुला मामला

Dakshi Sahu

Publish: Jul 16, 2019 13:48 PM | Updated: Jul 16, 2019 13:48 PM

Bemetara

बेरला थाना क्षेत्र के बैंक (Bank) से पॉली हाउस के लिए लोन लेकर 30 लाख रुपए गबन करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। (Bemetara crime news)

https://www.patrika.com/bemetara-news/बेमेतरा. बेरला थाना क्षेत्र के बैंक (Bank)से पॉली हाउस के लिए लोन लेकर 30 लाख रुपए गबन (defalcation ) करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले में पूर्व मैनेजर की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार देना बैंक (Dena Bank) के शाखा प्रबंधक एस मलिक ने गबन की शिकायत की। उन्होंने राजकिशोर बेहरा पिता स्व. बनमाली बेहरा और प्रवीर कुमार चक्रवर्ती पिता स्व. बीएन चक्रवर्ती की ओर से अमानत में खयानत करने की शिकायत की थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। (Bemetara crime news)

पुलिस ने लिया इनका बयान
पुलिस ने जांच के दौरान बैंक मैनेजर एस मलिक के अलावा अनावेदक प्रवीर कुमार चक्रवर्ती पिता स्व. बीएन चक्रवर्ती नेहरू नगर वेस्ट भिलाई जिला दुर्ग, वंदना चक्रवर्ती पति प्रवीर चक्रवर्ती नेहरूनगर वेस्ट भिलाई, राजकिशोर बेहरा पिता स्व. बनमाली डाकुवा भिलाई नगर जिला दुर्ग, सिद्धार्थ मांडवकर पिता चिंतामन मांडवकर सुपेला भिलाई एवं अन्य गवाहों के बयान लिए। साथ ही दस्तावेज भी लिया गया। पुलिस ने जांच में पाया कि राजकिशोर बेहरा के बड़े पिता भास्कर डाकुवा की ग्राम अहेरी थाना नंदिनी नगर जिला दुर्ग में 06 एकड़ जमीन है।

Read more: एक सप्ताह में दूसरी बार बैंक का ताला तोड़ तिजोरी तक पहुंचे चोर, सायरन बजते ही...हुआ ये सब....

इस जमीन पर पॉली हाउस लगाने देना बैंक के पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ मांडवकर से संपर्क किया। उन्होंने अपने एजेंट प्रवीर चक्रवर्ती से संपर्क करने कहा। राजकिशोर बेहरा ने प्रवीर से मिला और पॉली हाउस के दस्तावेज तैयार करने के बाद देना बैंक ने पूर्व मैनेजर सिद्धार्थ मांडवकर से 73.89 लाख रुपए लोन स्वीकृत करने कहा। इसके बाद 27 मार्च 2017 को पॉली हाउस के लिए 30 लाख रुपए लोन बैंक मैनेजर सिद्धार्थ मांडवकर ने स्वीकृत कर दिया। 30 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से देना बैंक बेरला से एग्रोटेक फर्म के सिंडिकेट बैंक नेहरू नगर भिलाई में ट्रांसफर किया गया। खाता वंदना चक्रवर्ती पति प्रवीर चक्रवर्ती के नाम पर था। (Bemetara crime news)

 

ऐसे की हेराफेरी
फर्म के उक्त बैंक खाते से 5 लाख रुपए राजकिशोर बेहरा के खाते में आरटीजीए के माध्यम से प्रवीर चक्रवर्ती ने ट्रांसफर किए। शेष रकम 25 लाख रुपए में से 4 लाख रुपए राजकिशोर बेहरा के देना बैंक बेरला के ऋण खाते में ट्रांसफर किया गया। देना बैंक से ऋण राशि 30 लाख रुपए प्राप्त होने के बाद प्रवीर कुमार चक्रवर्ती एवं राजकिशोर बेहरा ने किसी प्रकार का पॉली हाउस निर्माण नहीं किया। शेष राशि 21 लाख रुपए भी हेराफेरी कर लिए गए।

रिजर्व बैंक को भी दी गई है सूचना
आरोपी राजकिशोर बेहरा के ऋण आवेदन को स्वीकार करते हुए आवदेक देना बैंक बेरला ने ऋण जारी किया। इसके बाद केवल एक किस्त ही भुगतान किया गया। जब कर्ज की अन्य किस्ते नहीं मिली, तब अधिकारी जांच करने पहुंचे। तब किसी प्रकार का पॉली हाउस निर्माण जमीन पर नहीं मिला। वहीं ऋण राशि का दुरुपयोग कर हेराफेरी की गई। मामले की जानकारी बेरला शाखा के उच्च अधिकारियों दी गई। जांच के बाद बैंक ने खाते को फ्रॉड (धोखाधड़ी) घोषित करते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक को सूचना दी एवं आवेदक को निर्देश दिया गया कि थाने में आरोपियो के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया जाए।

भौतिक सत्यापन नहीं किया
पुलिस के मुताबिक देना बैंक बेरला के अधिकारियों ने जब उक्त भूमि में भौतिक सत्यापन किया तो पॉली हाउस का बनना नहीं पाया गया। राजकिशोर बेहरा ने 5 लाख रुपए प्रवीर चक्रवर्ती प्राप्त करने की सूचना देना बैंक बेरला को नहीं दी। 5 लाख रुपए को बैंक बेरला में जमा किया, जो उसके कपट पूर्ण आचरण जांच में पाया गया। प्रवीर चक्रवर्ती उसकी पत्नी वंदना चक्रवर्ती ने फर्जी पॉली हाउस फर्म बनाई। तत्कालीन बैंक प्रबंधक सिद्धार्थ मांडवकर ने अपने कर्तव्यों के विपरीत जाते हुए राजकिशोर बेहरा को लोन देने के बाद पॉली हाउस के लिए चयनित भूमि का भौतिक सत्यापन नहीं किया।

लोन स्वीकृत करने के नाम पर राजकिशोर बेहरा से 30 हजार रुपए अवैध रूप से प्राप्त किया। पुलिस के अनुसार देना बैंक के तत्कालीन प्रबंधक सिद्धार्थ मांडवकर, राजकिशोर बेहरा, प्रवीर चक्रवर्ती एवं उसकी पत्नी वंदना चक्रवर्ती ने एक राय होकर मिली भगत कर धोखाधड़ी की। देना बैंक बेरला को 30 लाख रुपए की हानि पहुंचाई। जिस पर आरोपियों पर धारा 420, 409, 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वर्तमान में जांच जारी है।

आरोपियों के खिलाफ लगाई है धारा 420
थाना प्रभारी बेरला विपीन रंगारी ने बताया कि प्रकरण में जांच के बाद चार लोगों के खिलाफ धारा 420 व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। मामले में आरोपियों ने मिलीभगत कर देना बैंक से लोन लेने के नाम पर 30 लाख धोखाधड़ी की है। (Bemetara crime news)

Chhattisgarh Bemetara से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..

ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.