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सीबीसी जांच मशीन डेढ़ महीने से है खराब, मैनुअल ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देकर वसूल रहे तीन गुना शुल्क

Laxmi Narayan Dewangan

Publish: Nov 05, 2019 23:25 PM | Updated: Nov 05, 2019 23:25 PM

Bemetara

जिला अस्पताल में सीबीसी जांच (कम्पलीट ब्लड काउंट) के नाम पर मरीजों को मैनुअल रिपोर्ट थमाकर तिगुना फीस वसूल की जा रही है।

बेमेतरा. जिला अस्पताल में सीबीसी जांच (कम्पलीट ब्लड काउंट) के नाम पर मरीजों को मैनुअल रिपोर्ट थमाकर तिगुना फीस वसूल की जा रही है। उल्लेखनीय है कि सीबीसी जांच मशीन में तकनीकी खराबी आए करीब ड़ेढ़ महीना हो चुका है। बावजूद जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर मरीजों को पर्ची में सीबीसी जांच लिखकर दे रहे हैं। वहीं मशीन खराब होने के बावजूद लैब टेक्निशियन सीबीसी रिपोर्ट के नाम पर मरीजों को मैनुअल रिपोर्ट थमा रहे हंै।

एक-दूसरे पर दोषारोपण कर पल्ला झाड़ रहे जिम्मेदार
मामला उजागर होने के बाद जिम्मेदार एक-दूसरे पर दोषारोपण कर पल्ला झाडऩे में लगे हुए हैं। गौरतलब हो कि जेडीएस फंड (जीवनदीप समिति) के लिए लैब टेस्ट, सोनोग्राफी, एक्सरे, ओपीडी पर्ची समेत अन्य सेवाओं के एवज में निर्धारित शुल्क लिया जाता है। अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 30 सीबीसी जांच की जा रही है। जिनसे 70 से लेकर 90 रुपए तक अधिक शुल्क लिया जा रहा है।

संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं जिम्मेदार
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जीवनदीप समिति ने मैनुअल ब्लड टेस्ट के लिए प्रत्येक मरीज से 50 रुपए एवं सीबीसी जांच के लिए 140 रुपए निर्धारित किया है। यहां डॉक्टरों की सीबीसी जांच की पर्ची पर लैब टैक्निशियन मैनुअल ब्लड टेस्ट कर 140 रुपए वसूल रहे हैं, जबकि निर्धारित शुल्क 50 रुपए है। आर्थिक रुप से कमजोर लोग रियायत दर पर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों का रुख करते हैं। लेकिन जिला अस्पताल में जिम्मेदारों की भर्राशाही का खामियाजा गरीब मरीज भुगतरहे है। इस संबंध में अस्पताल के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।

जिम्मेदारों ने मशीन खराब होने पर जाहिर की अनभिज्ञता
जानकारी के अनुसार करीब तीन साल पहले शासन की ओर से 15 लाख कीमत की सीबीसी जांच मशीन जिला अस्पताल को सप्लाई की थी। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का आलम यह है कि जानकारी मांगने पर जिम्मेदारों ने मशीन खराब होने पर अनभिज्ञता जाहिर करते हुए अभी भी जिला अस्पताल में सीबीसी जांच होने की बात कही। जिससे उनकी लापरवाही का साफ-साफ पता चलता है।

सीबीसी जांच रिपोर्ट का हवाला देकर लिया गया 120 रुपए शुल्क
40 वर्षीय मालती 31 अक्टूबर को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टर ने सीबीसी जांच कराने कहा। डॉक्टर की पर्ची को लेकर मरीज लैब टेक्निशियन के पास पहुंची। मशीन खराब होने के बावजूद मरीज को सीबीसी जांच रिपोर्ट का हवाला देकर 120 रुपए शुल्क लिया गया। 50 वर्षीय कुमारी बाई 4 नवंबर को इलाज के लिए जिला अस्पताल आई। डॉक्टर ने सीबीसी व ईसीआर जांच के लिए कहा। इस मामले में भी मरीज से सीबीसी जांच के नाम पर 140 रुपए वसूले गए। जबकि मैनुअल जांच पर निर्धारित शुल्क 50 रुपए लेना था।

मरम्मत के लिए सप्लायर कंपनी के कर्मी खराब पाट्र्स निकाल ले गए
अवकाश पर गए सिविल सर्जन डॉ. एसके पॉल ने बताया कि सीबीसी मशीन में खराबी आए करीब ड़ेढ़ महीने हो चुके हैं। इस संबंध में शासन को पत्र लिखा गया था। इसके बाद सप्लायर कंपनी के कर्मचारी आकर मशीन के खराब पाट्र्स को निकालकर ले गए हैं। चूंकि यह मशीन विदेशी है, इसलिए खराब पाट्र्स का आर्डर किया गया है। निर्माता कंपनी से सप्लाई होने के बाद मशीन की मरम्मत हो पाएगी।

यह है सीबीसी जांच
सीबीसी एक बहुत सामान्य रक्त परीक्षण है, जो शारीरिक बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का निदान करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। इस मशीन से डबलूबीसी, आरबीसी, हीमोग्लोबिन, हेमाक्रिन, एमसीवी, आरओ, प्लेटलेट्स सहित खून से जुड़ी 22 प्रकार की जांच बारीकी से की जा सकती है। ब्लड टेस्ट दूरबीन पद्धति से भी किए जाते हैं, जिसमें 13 तरह की जांच हो पाती है।

जिम्मेदार पर की जाएगी कार्रवाई
सीएस जिला अस्पताल डॉ. एसके पॉल ने बताया कि स्वास्थ्यगत कारण से अवकाश पर हूं। सीबीसी जांच के नाम पर मैनुअल रिपोर्ट थमाकर 140 रुपए शुल्क लिया जाना गलत है। प्रभारी डॉक्टर प्रधान से फोन पर चर्चा कर व्यवस्था में सुधार करने कहा जाएगा। सीएमएचओ बेमेतरा डॉ. एसके शर्मा ने कहा कि इस संबंध में जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से मेरे कार्यालय को सूचित नहीं किया गया है। मैनुअल जांच कर मरीजों से सीबीसी जांच के नाम अवैध वसूली हो रही है तो यह मामला काफी गंभीर है, इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। कलेक्टर बेमेतरा शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि मामला काफी गंभीर है, इसकी जांच कर जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।

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