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राशन कार्ड के नाम पर अवैध वसूली, SDM की शिकायत राज्यपाल और मुख्यमंत्री भूपेश से

Dakshi Sahu

Publish: Nov 11, 2019 11:21 AM | Updated: Nov 11, 2019 11:21 AM

Bemetara

समाजसेवी संस्था ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्यपाल को शिकायत पत्र डाक से भेज कर बेरला एसडीएम पर कार्रवाई करने की मांग की है। (Bemetara news)

बेमेतरा /बेरला. अंकुर समाजसेवी संस्था ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्यपाल को शिकायत पत्र डाक से भेज कर बेरला एसडीएम पर कार्रवाई करने की मांग की है। इसमें कहा गया है कि जिला प्रशासन ने बिना जांच के एसडीएम को क्लीनचिट दे दी है, जिससे ग्रामीणों मे आक्रोश है। संस्था ने बेरला एसडीएम को क्लीनचिट मिलने पर सूचना के अधिकार के तहत जांच रिपोर्ट मांगी थी। इस पर उन्हे निरंक जवाब मिला।

बेरला एसडीएम दुर्गेश वर्मा के लिखित आदेश से बेरला ब्लॉक के सभी ग्राम पंचायतों में राशन कार्ड (Ration Card in Bemetara) के नाम से अवैध वसूली की जा रही है। प्राइवेट संस्था मानव सेवा समिति अंबिकापुर को नंबर प्लेट लगाने के नाम पर वसूली करने का आदेश एसडीएम ने लिखित रूप से दिया है। राशन कार्ड के हिसाब से 30 रुपए लिया गया। मामला उजागर होने पर कलेक्टर ने तत्काल आदेश निरस्त कर जांच का आदेश दिया था। मामले में एसडीएम पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

राजनीतिक संरक्षण के चलते एसडीएम को बचा रहे
संस्था के प्रमुख राहुल टिकरीहा का कहना है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते एसडीएस दुर्गेश वर्मा को बचाया जा रहा है। इतने बड़े मामले में हमें जांच रिपोर्ट नहीं दी गई है। इसका मतलब है बिना जांच के ही क्लीनचिट दी गई है। मारी लड़ाई जारी रहेगी। हम लोगों ने मुख्यमंत्री से दस्तावेज के साथ शिकायत की है।

एसडीएस का आदेश लेकर पहुंचे प्राइवेट संस्था के कर्मचारियों ने बाकायदा ग्राम पंचायतों में मुनादी कराकर ग्रामीणों से राशन कार्ड के नाम पर पैसों की उगाही कर रहे हैं। ग्रामीणों को समझ में नहीं आ रहा है कि ये सरकार की योजना है या नहीं। ग्राम पंचायत सुरहोली निवासी चित्ररेखा पाटिल ने बताया कि राशन कार्ड कट जाने का भय दिखाकर हम लोगों से 30 रुपए लिए गए हैं।

सुरहोली निवासी तिलक साहू ने बताया कि हम लोगों ने भी राशन कार्ड कट जाने के भय से 30 रुपए दिए हैं। मामले में प्रत्येक राशन कार्डधारकों को 30 रुपए की रसीद दी जा रही है, जिसमे हाउस नंबर रसीद लिखा हुआ है। ना किसी संस्था का नाम, बाकायदा मतदाता सूची, राशन कार्ड, प्रशासनिक कार्यों में सहायक इस रसीद को बताया जा गया है।

बेरला बलॉक में 50 हजार राशन कार्डधारी
बेरला ब्लॉक में लगभग पचास हजार राशन कार्ड हैं। प्रत्येक राशन कार्ड 30 रुपए के हिसाब से 15 लाख रुपए होते हैं। बिना निविदा और बिना शासन के आदेश के बाद भी इस तरह की वसूली, बड़े घोटाले को जन्म देती है।

छत्तीसगढ़ शासन का कोई आदेश नहीं
मामले में छत्तीसगढ़ शासन का इस तरह का कोई लिखित आदेश नहीं है। जिसमें नंबर प्लेट लगाने के नाम पर 30 रुपए वसूला जाए। ऐसा लगता है सुनियोजित तरीके से अधिकारियों के संरक्षण से भ्रष्टाचार किया गया है।

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