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बिहार: चौथे चरण के तहत इन पांच संसदीय सीटों पर हुआ शांतिपूर्ण मतदान, तकरीबन साठ फीसदी वोट पड़े

Prateek Saini

Publish: Apr 29, 2019 21:12 PM | Updated: Apr 29, 2019 21:12 PM

Begusarai

चौथे चरण में महिलाओं और युवाओं ने मुखर होकर मतदान किया...

(बेगूसराय): चौथे चरण में सूबे की पांच संसदीय सीटों पर मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़ शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। औसतन साठ फीसदी मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़ कर भागीदारी की। सबसे अधिक मतदान 61.27 फीसदी बेगूसराय, 60.56 फीसदी उजियारपुर, 60.80 फीसदी समस्तीपुर, 56.68 फीसदी दरभंगा और 55.65 फीसदी मुंगेर में हुआ। मुंगेर के लखीसराय में कुछे बूथों पर जबरन कब़्जा करने की असफल घटनाओं के बाद एक शख्स को गिरफ्तार किया गया। एक पत्रकार के साथ भी अप्रिय वारदात होने की खबर है। चौथे चरण में महिलाओं और युवाओं ने मुखर होकर मतदान किया। बेगूसराय में गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार के बीच भूमिहार वोटों का विभाजन होता देखा गया, जबकि मुस्लिम वोट कन्हैया कुमार और आरजेडी के तनवीर हसन के बीच बंटे दिखे। यादव वोटर आरजेडी के साथ ही खुलकर वोट करते देखे गए। महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखा।

 

उजियारपुर में कांटे की लड़ाई में उपेंद्र कुशवाहा

उजियारपुर में कुशवाहा- यादव बहुल मतदान केंद्रों पर भी खुलकर मतदान हुआ। उपेंद्र कुशवाहा और प्रदेश भाजपाध्यक्ष नित्यानंद राय की नाक की लडा़ई में यह सीट फंसी है। यादव वोट बंटे जबकि कुशवाहा वोटों मे उपेंद्र कुशवाहा के प्रति आकर्षण कम दिखा। समस्तीपुर में लोजपा के रामचंद्र पासवान और कांग्रेस के डॉ अशोक राम के बीच कांटे की टक्कर में दलित पिछड़े मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर मतदान किया। रामचंद्र पासवान यहां के निवर्तमान सांसद और रामविलास पासवान के छोटे भाई हैं।

 

मुंगेर जहां नीतीश हैं मुद्दा

मुंगेर सीट नरेंद्र मोदी मुद्दे पर नहीं, बल्कि नीतीश कुमार मुद्दे पर लड़ी जा रही है। यहां नीतीश कुमार कई दिनों से कैंप करते रहे। एनडीए से उनके खास ललन सिंह यहां चुनाव मैदान में हैं, जो सूबे के जलसंसाधन मंत्री भी हैं। इनके खिलाफ नीतीश कुमार के ही खास बाहुबली विधायक रहे अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी कांग्रेस उम्मीदवार बनकर मैदान में उतरी हैं। लखीसराय और बड़हिया जैसे बाहुबल और दबंग भूमिहार बहुल इलाकों में तनातनी भी हुई और मतदान का प्रतिशत भी 55.65 से आगे नहीं बढ़ पाया।