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EXCLUSIVE INTERVIEW: अगर इस बार हम चुप रहे तो पूरे देश से मिटा दिया जाएगा लोकतंत्र- कन्हैया कुमार

Prateek Saini

Publish: Apr 28, 2019 06:00 AM | Updated: Apr 27, 2019 22:42 PM

Begusarai

कन्हैया बोले, पढ़ाई और कढ़ाई के बीच है लड़ाई...

 

(बेगूसराय,शिशिर शरण राही): बिहार के लेनिनग्राद-सह-मॉस्को के नाम से मशहूर बेगूसराय लोकसभा सीट पर 29 अप्रेल को होने वाले चुनावी जंग में इस बार केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को कड़ी टक्कर दे रहे जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाकपा उम्मीदवार कन्हैया कुमार ने इस मुकाबले को पढ़ाई और कड़ाही के बीच की लड़ाई का नाम दिया है। हाई प्रोफाइल सीट बनी बेगूसराय जिसपर देश-दुनिया की नजर टिकी है यहां एक ओर गिरिराज का भगवा राष्ट्रवाद है तो दूसरी ओर कन्हैया का लाल सलाम। दिलचस्प पहलू यह है कि सवर्ण मतदाता (भूमिहार) बहुल बेगूसराय के चुनावी समर में गिरिराज और कन्हैया दोनों ही भूमिहार हैं। कन्हैया का कहना है कि एक ओर पढ़-लिखकर अपना और देश का भविष्य बनाने के इच्छुक युवा हैं, तो दूसरी तरफ वे लोग हैं जो इन पढ़े-लिखे युवाओं से पकौड़े तलवाना चाहते हैं। इसी कड़ी में एनसीईआरटी की ९वीं क्लास की किताब से लोकतंत्र का पाठ हटाए जाने संबंधी सवाल पर उनका कहना है कि अगर इस बार हम चुप रहेे तो पूरे देश से ही लोकतंत्र को हटा दिया जाएगा। चुनावी व्यस्तताओं के बावजूद राजस्थान पत्रिका के शिशिर शरण राही से साथ खास भेंट में वामपंथी दलों के गढ़ रही बेगूसराय संसदीय सीट से भाकपा उम्मीदवार कन्हैया ने अनेक मसलों पर खुलकर बातचीत की। कन्हैया के शब्दों में ....ये पब्लिक है, ये सब जानती है। लोग असली मसलों पर चर्चा चाहते हैं, पर भाजपा मनगढ़ंत मुद्दों की आड़ में लोगों को बांट रही है, क्योंकि उसके पास जनता से जुड़ा कोई विजन नहीं। कन्हैया बोले कि चूंकि 5 साल के दौरान मोदी सरकार ने जनहित में कोई ठोस काम नहीं किया, इसलिए वह भ्रम फैला रही।

पत्रिका:आप पर देशद्रोह का आरोप लगा है? क्या कहेंगे?

कन्हैया: मुझपर लगे देशद्रोह संबंधी सभी आरोप मनगढ़ंत-भ्रामक और बेबुनियाद हैं। अगर मैं देशद्रोही-अपराधी हूं, तो सरकार जेल में क्यों नहीं डाल देती? अगर कुछ गलत किया है, तो फिर सरकार देर क्यों कर रही? क्यों नहीं कार्रवाई कर रही? अगर मैं देशद्रोही हूं, तो भला लोकसभा चुनाव कैसे लड़ रहा? मेरा लोकसभा चुनाव लडऩा ही इसका प्रमाण है कि देशद्रोह के सभी आरोप मनगढ़ंत-भ्रामक और बेबुनियाद हैं। यदि देशद्रोह का प्रमाण है तो फिर आजतक दिल्ली पुलिस हाईकोर्ट में मेरे खिलाफ चार्जशीट दाखिल क्यों न कर सकी। सारा का सारा प्रपंच और झूठ-फरेब का मकडज़ाल है। मैं उस माटी का लाल हूं, जिसने देश को राष्ट्रकवि दिनकर जैसी महान हस्ती दी। इस धरती का सपूत देश के साथ कभी गद्दारी वाली भाषा कर ही नहीं सकता। वीडियो को तोड़-मरोड़कर वायरल किया गया। मेरी भारतीय संविधान में पूरी निष्ठा-आस्था है।

पत्रिका:केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की ओर से आप पर लगाए आरोपों पर क्या कहना है?

कन्हैया:भाजपा के वे उम्मीदवार जो बेगूसराय आना ही नहीं चाहते थे वही बता दें कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री होने के नाते इस जिले के उद्यमों के विकास के लिए क्या किया? बेगूसराय छोड़ दिया जाए, क्योंकि वे यहां से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, तो फिर इसका जवाब दें कि उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र नवादा की जनता के लिए कौन सा ऐसा काम किया, जिसे वहां की जनता हमेशा याद रखेगी?

पत्रिका:आज की राजनीति कैसी लग रही आपको?

कन्हैया:आज राजनीति का वीडियोकरण हो गया है। कभी केरल में पाकिस्तान देखने वाले मंत्री के बयान का वीडियो, तो कभी भारतीयों को पाकिस्तान भेजने वाले बयान का वीडियो। वीजा मंत्री (गिरिराज) पिछले 5 साल में भले ही अपने 5 बड़े काम न गिना सकें पर पाकिस्तान का नाम जरूर 5 हजार बार ले लिया है। उनके मन में पाकिस्तान ऐसे बस गया है कि उन्हें केरल में भी पाकिस्तान दिखता है। उनके इस जज्बे को क्या नाम दिया जाए?

पत्रिका:आपकी नजर में कौन देशभक्त और कौन है देशद्रोही?

कन्हैया:सबसे पहले तो मुझे उन लोगों से देशभक्त होने का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, जिनके राष्ट्रवाद में गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से मरने वाले बच्चों की चिंता तक शामिल नहीं। देशभक्त क्या वे हैं जो नफरत फैलाकर, भड़कीले भाषण-नारा देकर अल्पसंख्यकों के प्रति घृणा-हिंसा फैलाते हैं? या वे जो तमाम कठिनाईयों से जूझते हुए एकता-सांप्रदायिक सद्भावना का संदेश देते हैं। मेरा देशप्रेम मेरे शहर की जर्जर सड़कों की मरम्मत, स्कूलों-कॉलेजों को शुरू करने के लिए पहल करने की सीख देता है। देशभक्त कौन? जो शिक्षा-स्वास्थ्य आदि के बजट में कटौती का विरोध करे या फिर वे जो नोटबंदी कर गरीबों के पेट पर लात मारकर लाखों लोगों को बेरोजगार कर दे?

पत्रिका:खुद की जीत के प्रति आश्वस्त हैं या कोई संशय?

कन्हैया:खुद को मिल रहे अपार जनसमर्थन से उत्साहित हूं और मुझे अपनी जीत का पूरा भरोसा है। राजनीतिक लड़ाई में सच्चाई और ईमानदारी हो तो जनता का सहयोग आप को मिलता है। भाजपा विरोधी मतों का विभाजन नहीं होगा, मुकाबला सीधा है। खुद के गांव सहित हर जगह जनसंपर्क अभियान के दौरान कभी नहीं कहा कि मैं कोई राजनेता हूं, बल्कि बेगूसराय का बेटा कहकर सभी से मिला। नोटतंत्र के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई है।