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water pond : लबालब होने को बेताब फूल सागर तालाब

Tarun Kashyap

Publish: Jul 19, 2019 20:17 PM | Updated: Jul 19, 2019 20:17 PM

Beawar

आखिरी बार 198 3 में भरा था फूलसागर तालाब

नितिन कुमार शर्मा
जवाजा. किसी जमाने में ब्यावर की प्यास बुझाने वाला जालिया स्थित फूलसागर तालाब में एक बार फिर पानी के भराव की आस जगी है। इस साल अब तक हुई बरसात से तालाब में पानी आया हैं। अब एक-दो और अच्छी बरसात हो जाए तो फिर तालाब पानी से लबालब दिखेगा। सिंचाई विभाग की देवाता फीडर योजना से भी तालाब में पानी की आवक का रास्ता तैयार होने से और अधिक मात्रा पानी आने की उमीद है। हालांकि अब तक फीडर का काम अटका हुआ है। फीडर का काम पूरा हो जाता है तो फूलसागर तालाब में भी पानी की आवक बढ़ेगी। फूलसागर तालाब से शहर को पानी की सप्लाई होती थी। तालाब नहीं भरने के चलते पानी की सप्लाई बंद हो गई। इसके बाद से यह तालाब सुनसान पड़ा है। हालांकि फूलसागर से अब भी दो गांवों में पानी दिया जा रहा है। लेकिन देवाता फीडर पूरा होने के बाद फूलसागर तालाब भर जाता है तो यह तालाब एक बार फिर क्षेत्र के लिए वरदान बन सकेगा।
198 3 के बाद लबालब होने का इंतजार
इससे पहले 198 3 में फूलसागर तालाब में उमीद के अनुसार पानी का भराव हुआ था। तब से अब तक तालाब में पानी की आवक उमीद के अनुसार नहीं हो पाई। इसका कारण तालाब में पानी के आवक के रास्तें में जगह-जगह अवरोध होना हैं।
देवाता फीडर योजना - एक नजर
इस योजना पर करीब 7 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं। अगर योजना साकार होती है तो जवाजा तालाब में भराव क्षमता तक पानी आने के बाद यह पानी स्थित फूल सागर तालाब में पहुंचेगा। जवाजा तालब से निकला यह फीडर काबरा एवं कालीकांकर तालाब को जोड़ते हुए फूलसागर तालाब जालिया में मिलेगा।
फूलसागर तालाब को ऐसे मिलेगा पानी
जानकारों की माने तो अब तक जवाजा तालाब का पानी व्यर्थ बहकर पाली जिले की रायपुर नादी में जा रहा था। लेकिन देवाता फीडर बनने के बाद जवाजा तालाब से बहकर जाने वाले पानी को पहले काबरा तालाब में पहुंचेगा। काबरा तालाब के ओवर लो होने के बाद पानी कालीकांकर से सीधा जालिया स्थित फूल सागर तालाब तक पहुंचाने के लिए कार्य किए गए हैं। क्षेत्र के जलाशयों के भराव से जवाजा क्षेत्र के किसानों को यहां ङ्क्षसंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा, वहीं पेयजल संकट से भी निजात मिलेगी।
इनका कहना है...
तालाब में पानी की आवक हुई है लेकिन अब तक गेज तक पानी नहीं पहुंचा है।
-नन्दिनी, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग