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nagar parishad : अभियोजन स्वीकृति लम्बित , बाबू बहाल

Sunil Kumar Jain

Publish: Jul 19, 2019 17:59 PM | Updated: Jul 19, 2019 17:59 PM

Beawar

नगरपरिषद कार्यकारी समिति की बैठक, उन्नीस प्रस्तावों पर निर्णय किया, रिश्वत प्रकरण से जुड़े लिपिक के दो प्रस्ताव भी शामिल


ब्यावर. नगरपरिषद की कार्यकारी समिति की बैठक सभापति बबीता चौहान की अध्यक्षता में हुई। इसमें एजेंडे में शामिल पांच व चौदह अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई।एक को विधिक राय के लिबत रखकर अठारह प्रस्तावों पर निर्णय किए गए। सभापति चौहान के रिश्वत प्रकरण से जुड़े लिपिक के दो प्रस्तावों पर भी उनकी मौजूदगी में निर्णय किया गया।अभियोजन स्वीकृति के एक प्रकरण को विधिक राय के लिए लिबत रखा गया, जबकि निलिबत लिपिक को बहाल करने का निर्णय किया गया। भ्रष्टाचार ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक अजमेर की ओर से वरिष्ठ लिपिक जुझांरसिंह के 11 फरवरी २०१९ के पत्र एवं स्पेशल यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की ओर से 9 मई के पत्र में संशोधित अभियोजना की स्वीकृति जारी करने के प्रस्ताव संया तीन पर विधिक राय के लिए फिलहाल लिबत किया गया। इसी प्रकार स्वायत्त शासन विभाग जयपुर के ८ जुलाई के पत्र के अनुसार चूकिं मंडल बोर्ड नियोक्ता अधिकारी है, अत: जुझांरसिंह को निलबन से बहाल किए जाने के प्रस्ताव संया चार पर निर्णय कर बहाल कर दिया गया। बैठक में आयुक्त राजेन्द्रसिंह चादावत सहित समिति से जुड़े सतरह में से चौदह सदस्य मौजूद रहे।गौरतलब है कि गत वर्ष अगस्त माह मेें रिश्वत प्रकरण में सभापति बबीता चौहान को गिरतार किया गया।इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने उनको निलिबत कर दिया। इसी प्रकरण में वरिष्ठलिपिक जुझंारसिंह को भी भ्रष्टाचार ब्यूरो ने गिरतार किया और नगरपरिषद ने निलबन की कार्रवाई की। बाद में सभापति को न्यायालय से निलबन पर स्टे मिल गया और उन्होंने सभापति पद का पदभार ग्रहण कर लिया। अब उन्हीं की मौजूदगी में यह बैठक हुई और जुझांरसिंह से जुड़े दो प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय कर लिया गया।

इनका कहना है...
प्रस्ताव संया तीन व चार के समय सभापति मौजूद रही। प्रस्ताव संया तीन को विधिक राय के लिए लिबत रखा है।प्रस्ताव संया चार में निलिबत बाबू को बहाल करने का निर्णय किया। असहमति टिप्पणी (नोट ऑफ डिसेन्ट) जैसी फिलहाल कोई बात नहीं।
राजेन्द्रसिंह चांदावत, आयुक्त, नगरपरिषद ब्यावर