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dak bunglow : कभी दयानंद सरस्वती रहे थे यहाँ, आज इस हालत में

Bhagwat Dayal Singh

Publish: Jul 19, 2019 19:48 PM | Updated: Jul 19, 2019 19:48 PM

Beawar

नौ माह पहले धराशाही हुआ था डाक बंगला, नहीं ली वापस सुध

ब्यावर. करीब नौ माह पहले धराशाही डाक बंगले की सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सुध नहीं ली है। लबे समय से यह डाक बंगला बदहाल पड़ा है। इस डाक बंगले को असुरक्षित मानते हुए इसके उपयोग को बंद कर दिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से इसकी सुध नहीं ली गई है। विभाग ने करीब छह माह पहले भवन के वापस निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भिजवाया। अब तक इस प्रस्ताव को अनुमति नहीं मिल सकी है। डाक बंगले का निर्माण आजादी से पहले हुआ। यह भवन ऐतिहासिक महत्व का रहा है। इस भवन में 18 8 1 में दयानन्द सरस्वती ने 12 दिन का निवास किया था। इस भवन में आजादी से लेकर कुछ सालों पहले तक उपखंड कार्यालय संचालित होता रहा। इसमें चुनाव कार्यालय भी संचालित हुआ। यह भवन 11 अक्टूबर 2018 की रात्रि को धराशाही हो गया। भवन धराशाही होने के बाद चुनाव कार्यालय को नए उपखंड कार्यालय में स्थानान्तरित कर दिया गया। डाक बंगले के उपयोग पर रोक लगा दी।
प्रस्ताव भेजा, अनुमति का इंतजार
इस ऐतिहासिक डाक बंगले को वापस निर्माण को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने करीब छह माह पहले प्रस्ताव बनाकर भेजा। इस प्रस्ताव को अब तक हरी झंडी नहीं मिल सकी है। जबकि इस डाक बंगले में अब भी सामान रखा हुआ। जिसकी कीमत लाखों में है। विभाग की माने तो सुरक्षित समान का वापस उपयोग किया जाएगा।
इनका कहना है...
डाक बंगले के वापस निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिया है। इस प्रस्ताव को अनुमति मिलने के बाद वापस निर्माण कराया जाएगा।
-एस.एस. सलूजा, सहायक अिायंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग