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School Education : होनहार छात्राओं ने सम्भाली स्कूल

Sunil Kumar Jain

Publish: Oct 11, 2019 18:59 PM | Updated: Oct 11, 2019 18:59 PM

Beawar


अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को किया प्रोत्साहित


ब्यावर. शहर व आसपास की स्कू  लों में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की। स्कूल की सबसे ज्यादा प्रतिभावान छात्रा को स्कूल के संचालन का अवसर दिया गया। कुछ बालिकाओं ने शिक्षक की भूमिका भी निभाई। बालिकाओं को अभिव्यक्ति का अवसर दिया गया। इसमें मीना राजू कहानी पर नाट्य प्रस्तुतीकरण , कविता, स्लोगन प्रतियोगिताओं भी हुई। हस्ताक्षर अभियान चलाकर जीवन में आत्मनिर्भर बनने व अपने सपने को पूरा करने का संकल्प लिया। प्रार्थना सभा से लेकर छुट्टी होने तक विभिन्न गतिविधियों को अंजाम दिया। स्कू  ल में मिली कमियों को पूरा करने के निर्देश भी दिए।

केस संख्या : एक
कमियां बताकर दुरुस्त करने के दिए निर्देश
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय छावनी में कक्षा दस सी की छात्रा लविना खत्री को संस्था प्रधान बनने का मौका मिला। लविना ने स्कू  ल की विभिन्न गतिविधियां देखी और शिक्षकों व छात्राओं की बैठक भी ली। इस दौरान संस्था प्रधान प्रदीप कुमार शर्मा को उन्होंने साफ सफाई के माकू  ल इंतजाम रखने, पुख्ता लाइट व्यवस्था के साथ सभी पंखे दुरस्त करने की बात कही। लविना ने बताया कि उसे बहुत अच्छा लगा।

केस संख्या : दो
स्कू  ल का समय बदला जाए तो अच्छा
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय डिग्गी मोहल्ला में १२ वीं कला वर्ग की सोनू चौधरी को संस्था प्रधान बनाया गया। संस्था प्रधान अंजू यादव से सोनू ने विभिन्न जानकारी ली और स्कू  ल का समय दस बजे से चार बजे तक के बजाय सुबह आठ से दो करने को ज्यादा अच्छा बताया। साथ ही अन्य छात्राएं स्कू  ल में शिक्षिकाएं बनी। सोनू ने स्कू  ल का विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। शिक्षकों व छात्राओं से बात की। पोषाहार का निरीक्षण किया।

केस संख्या : तीन
शिक्षक बनने की ईच्छा जताई
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जीतसिंह का बाडि़या में पांचवी कक्षा की छात्रा वंदना ने संस्था प्रधान बनकर स्कू  ल की व्यवस्थाएं देखी। वंदना के साथ सपना व अंजलि ने शिक्षक की भूमिका भी निभाई और बच्चों का होमवर्क जांचा। उन्होनंे बताया कि हमे आज शिक्षक बनकर बहुत अच्छा लगा । हमे पता चला कि हमारे शिक्षक हमें पढाऩे के लिए कितनी मेहनत करते है, उन्होंने भी बड़ा होकर शिक्षक बनने की ईच्छा जाहिर की।