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आए दिन की बिजली कटौती से मिलेगी निजात

Bhagwat Dayal Singh

Publish: Sep 19, 2019 20:40 PM | Updated: Sep 19, 2019 20:40 PM

Beawar


-संकट मोचक बनेगा पीपलाज जीएसएस
-220 केवी जीएसएस का बनेगा विकल्प
-जमीन आवंटन की प्रक्रिया विचाराधीन


ब्यावर. विद्युत वितरण खंड ब्यावर की विद्युत आपूर्ति का दबाव अजमेर रोड स्थित 220 केवी जीएसएस पर है। अब पीपलाज में 132 केवी जीएसएस की अनुमति मिल चुकी है। ऐसे में अतिरिक्त दबाव बढऩे पर पीपलाज में बनने वाला जीएसएस ब्यावरवासियों के लिए संकट मोचक बनेगा। इसका निर्माण करीब 15 करोड़ 72 लाख की लागत से होगा। नए जीएसएस का निर्माण होने पर आए दिन की कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
विद्युत निगम की विद्युत सप्लाई के लिए अजमेर रोड स्थित 220 केवी जीएसएस पर अतिरिक्त दबाव है। इस दबाव के कारण विद्युत आपूर्ति की गड़बड़ाने की संभावनाएं बढ़ जाती है। सालों पहले 220 केवी जीएसएस का निर्माण किया गया। इसके बाद विद्युत खपत का दबाव बढ़ता गया। 220 केवी जीएसएस पर पडऩे वाले दबाव को कम करने या विकल्प के तौर पर नए जीएसएस का निर्माण नहीं किया गया। ऐसे में लबे समय पीपलाज व देवाता में नए जीएसएस के निर्माण की मांग उठ रही थी। इसको लेकर निगम की ओर से पीपलाज व देवाता चौराहा पर जीएसएस निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भिजवाया था। इनमें से पीपलाज को स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण के लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। इसके निर्माण होने से औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई भी बेहतर ही मिल सकेगी।
गौरतलब हैकि गत दो साल पहले 220 केवी जीएसएस पर विद्युत दबाव खासा बढ़ गया। इससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति बन गई। ऐसे में अतिरिक्त दबाव के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित होने की संभावनाएं बढ़ गई। ऐसे में मसूदा जीएसएस पर विद्युत दबाव को डायवर्ड किया गया। दबाव के चलते 220 केवी जीएसएस में एक ट्रांसफार्मर भी जल गयाथा। जिसके स्थान पर बाद में नया ट्रांसफार्मर लगाया गया।
देवाता जीएसएस को अनुमति का इंतजार
विद्युत निगम के अधिशाषी अभियंता दिनेशसिंह ने शहर सहित औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के दबाव को देखते हुए देवाता व पीपलाज में 132 केवी जीएसएस निर्माण के प्रस्ताव भिजवाए थे। इनमें से पीपलाज जीएसएस के निर्माण की अनुमति मिलने के बाद देवाता जीएसएस को अनुमति मिलने का इंतजार है।
ढाई करोड़ का राजस्व बढ़ेगा
पीपलाज व देवाता क्षेत्र में करीब बीस लाख यूनिट की प्रति साल छीजत होने से दो करोड़ 53 लाख रुपए का नुकसान होता है। इसमें पीपलाज क्षेत्र में एक करोड 53 लाख का नुकसान होता है। इन दोनों जीएसएस के बन जाने केबाद यह छीजत कम होने से निगम को करीब ढाई करोड के राजस्व का लाभ होगा।
तीस लाख यूनिट छीजत कम होगी
पीपलाज व देवाता चौराहा पर नए जीएसएस के निर्माण से प्रति साल होने वाली तीस लाख यूनिट छीजत कम हो जाएगी। मोटे अनुमान के अनुसार पीपलाज क्षेत्र में प्रति साल 11 लाख यूनिट की छीजत आती है। इसी प्रकार मगरा क्षेत्र में करीब 48 किलोमीटर लबी लाइन है। इसके चलते करीब 19 लाख यूनिट की छीजत आती है।
इनका कहना है...
पीपलाज में 132 केवी जीएसएस का अनुमति मिल चुकी है। जमीन आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। इस पर 1572.51 लाख की लागत आएगी। नया जीएसएस बनने से छीजत कम होगी। औद्योगिक क्षेत्र को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी। शहर के 220 केवी जीएसएस पर दबाव कम होगा।
-दिनेशसिंह, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण निगम