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मौत को मात देकर खिलखिला उठी जिंदगी

Sunil Kumar Jain

Publish: Sep 11, 2019 19:46 PM | Updated: Sep 11, 2019 19:46 PM

Beawar

मौत को मात देकर खिलखिला उठी जिंदगी
-चढावटा की ढाणी के पास झाडि़यों में मिली नवजतात , ग्रामीणों ने एम्बूलेंस में अमृतकौर चिकित्सालय पहुंचाया



ब्यावर. निकटवर्ती ग्राम चढ़ावटा की ढाणी के पास सड़क के किनारे झांडियों के बीच एक रोती हुई नवजात बालिका मिली। उधर से गुज रहे लोगों ने रोती हुई बालिका को देखा तो पुलिस व 108 एबूलेंस को सूचना दी। नवजात को अमृतकौर चिकित्सालय की शिशु वार्ड में भर्ती किया गया है। नवजात स्वस्थ है। अपनों की उपेक्षा व मौत के मुंह में छोडकर जाने के बावजूद नन्हीं जान ने मौत को मात दी। अस्पताल प्रशासन को जब कंटीली झांडियों में डाली गई नवजात के आने की जानकारी लगी तो सब उसकी देखभाल में लग गए। जानकारी अनुसार चढावटा का ढाणी के पास ही सड़क किनारे झाडियों में एक चादर में लिपटी बालिका को कोई छोड गया। इस बालिका के रोने की आवाज सुनकर उधर से गुजर रहे राहगीर व बकरियां चरा रही महिलाएं पहुंची। वहां पर एक नवजात बालिका रो रही थी। सुनसान जगह पर बालिका को झांडियों में देखा तो मौके पर खासी भीड़ एकत्र हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस की सूचना दी एवं फोन कर मौके पर 108 एबूलेंस को बुलवाया। इस एबूलेंस के जरिए नवजात बालिका को अमृतकौर चिकित्सालय के मातृ-शिशु चिकित्सालय के शिशु वार्ड में ार्ती कराया।


नवजात स्वस्थ व सुंदर
अमृतकौर चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एम.एस. चांदावत ने बताया कि बालिका का वजन दो किलो पांच सौ ग्राम है। नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है। कुछ कांटे जरुर चुभे है। इनका उपचार कर दिया है। उन्होंने बताया कि नवजात स्वस्थ व सुंदर है।


नर्सिग स्टाफ को दी विशेष जिमेदारी
अमृतकौर चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.चांदावत ने बताया नवजात के स्वास्थ्य की सार संभाल करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। नर्सिग स्टाफ भी झांडिय़ों में नवजा मिलने की जानकारी मिली तो उसकी देखभाल में जुट गया है। नवजात के साथ कोई नहीं होने से उसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।