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यूपी के इस जिले में सिर्फ दो दिन खुलते हैं ये सरकारी विद्यालय, शिक्षक घर बैठे लेते हैं पूरा वेतन

Sarweshwari Mishra

Publish: Jul 18, 2019 15:21 PM | Updated: Jul 18, 2019 15:21 PM

Basti

25 जून से नया शिक्षण सत्र् शुरू हो चुका है लेकिन स्कूल अब तक नहीं खुला

बस्ती. 2019-20 के बजट में शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए अच्छी खासी रकम की व्यवस्था भी की गई। बजट में प्राइमरी एजुकेशन के विभिन्न मदों में 21,715 करोड़ खर्च किए जाएंगे जबकि प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था के नाम पर कुल 22389.08 करोड़ खर्च होंगे। लेकिन उन सरकारी स्कूलों में इस बजट का क्या होगा जो पूरे साल में सिर्फ दो दिन ही खुलता है। जहां बच्चे आते ही नहीं हैं। यूपी के बस्ती जिले में ऐसे दो सरकारी विद्यालय हैं जिसकी कहानी एक ही है। ये विद्यालय पूरे साल में कभी-कभार 15 अगस्त और 26 जनवरी को खुलता है। यहां के टीचर घर बैठकर आराम से पूरा वेतन का लाभ लेते हैं।

 


दरअसल, 25 जून से नया शिक्षण सत्र् शुरू हो चुका है लेकिन स्कूल अब तक नहीं खुला। पत्रिका के रिपोर्टर की पड़ताल पर बस्ती के कुदरहा ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मसुरिहा की गोरखधंधा सामने आई। वहां के स्थानीय लोगों ने बताया कि यह विद्यालय कभी नहीं खुलता। कभी -कभी 15 अगस्त और 26 जनवरी को शिक्षक और कुछ बच्चे आते हैं और झंडा फहराकर चले जाते हैं। यही हालत बस्ती स्थित रामनगर ब्ल़ॉक के करमहिया के पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक दोनों विद्यालय का है।

 

लोगों ने बताया कि करमहिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक अजय कुमार पांडे स्कूल से नदारद रहते हैं और विद्यालय अनुदेशक के भरोसे चलता है। बताया कि प्राथमिक विद्यालय में गीता वर्मा नाम की शिक्षक तैनात हैं लेकिन कभी स्कूल पढ़ाने के लिए नहीं आई। वहीं मौके पर करमहिया के पूर्व माध्यमिक विद्यालय और प्राथमिक विद्यालय दोनों के इंचार्ज भानु प्रताप सिंह से मिलने पहुंचे तो वह भी स्कूल में नहीं थे।


BY-Satish Srivastava