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सरकारी एंबुलेंस बनी मुसीबत, मरीज लेने आया ड्राइवर दरवाजे पर छोड़कर चला गया, 5 दिन से खड़ी है

Mohd Rafatuddin Faridi

Publish: Sep 14, 2019 13:39 PM | Updated: Sep 14, 2019 13:39 PM

Basti

प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिये बुलायी गयी थी 102 एंबुलेंस।

बस्ती. क्या हो जब मरीज अपनी मदद को सरकारी एंबुलेंस बुलाए और वह उसी के लिये मुसीबत बन जाए। बस्ती के कप्तानगंज थानान्तर्गत रानीपुर गांव में एक परिवार के साथ ऐसा ही हुआ। दर्द से तड़प रही प्रसूता को अस्पताल ले जाने के लिये परिवार ने फोन करके 102 एंबुलेंस बुलाया। एंबुलेंस पहुंची जरूर, लेकिन वह परिवार की मदद के बजाय उनके लिये मुसीबत बन गयी। दरवाजे पर पहुंचते ही एंबुलेंस खराब हो गयी, जिसके बाद उसका ड्राइवर उसे वहीं छोड़कर चला गया। छह दिन बाद भी एंबुलेंस परिवार के दरवाजे पर ही खड़ी है, लेकिन विभाग के पास या तो उसे बनवाने का पैसा नहीं है या फिर लापरवाही से उसे छोड़ दिया गया है। दरवाजे पर खड़ी एंबुलेंस का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है।

मामला बस्ती जिले के कप्तानगंज का है। कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में खड़ी रहने वाली 102 एंबुलेंस अब इसी क्षेत्र के रानीपुर गांव में एक परिवार के दरवाजे पर पिछले छह दिन से खड़ी है। दरअसल रानीपुर के परिवार ने प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिये फोन करके एंबुलेंस मंगवायी थी, लेकिन वह दरवाजे पर पहुंचते ही खराब हो गयी। ड्राइवर और उसका हेल्पर एंबुलेंस को वहीं छोड़कर चले गए।

धीरे-धीरे पांच दिन बीत गए, लेकिन इसकी खोज खबर लेने वाला कोई नहीं आया। गांव के लोगों ने जिम्मेदारों को इस बात की खबर दी तो वहां से कहा गया कि एंबुलेंस का एक्सेल टूटा है ओर मैकेनिक नहीं मिल रहा। चूंकि विभाग ने मैकेनिक की व्यवस्था नहीं की इसलिये ड्राइवर एंबुलेंस वहीं छोड़कर चला गया। कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी डॉक्टर सचिन ने बताया कि गर्भवती को लाने गयी एंबुलेंस तकनीकी खराबी के चलते गांव में खडी है, उसे मंगवाकर ठीक करा लिय जाएगा।

By Satish Srivastava