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जयपुर के कानोता बांध में डूबा जोधपुर का युवक,7 घंटे रेस्क्यू कर निकाला शव

Vinod Sharma

Publish: Sep 22, 2019 08:00 AM | Updated: Sep 21, 2019 23:36 PM

Bassi

jaipur news जयपुर के कानोता बांध में 20 सितम्बर की देर शाम जयपुर से प्रतिमा विसर्जन के लिए कई लोग आए थे। इस दौरान जोधपुर निवासी युवक पानी की गहराई में जाने से डूब गया।

कानोता(जयपुर). क्षेत्र के कानोता बांध में शुक्रवार शाम बांध में प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई। सूचना पर कानोता पुलिस मौके पर पहुंची और सिविल डिफेन्स की टीम को सूचना दी। टीम ने शुक्रवार देर रात करीब एक बजे तक शव को निकालने के लिए रेस्क्यू किया लेकिन कोशिश नाकाम रही। दूसरे दिन शनिवार सुबह दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

लोगों ने बचाने का प्रयास किया
पुलिस ने बताया कि kanota dam कानोता बांध में शुक्रवार देर शाम जयपुर से प्रतिमा विसर्जन के लिए कई लोग आए थे। इस दौरान खिवपुरी गोस्वामी (28) पुत्र ढगलपुरी निवासी सोड़ावास जोधपुर, हाल निवासी (किराएदार) तेलीपाड़ा,जयपुर पानी की गहराई की ओर चले जाने से डूब गया। कुछ लोगों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन युवक डूब गया।

सिविल डिफेंस टीम के आई चोटें
सूचना पर पुलिस आई और मौका मुआयना कर सिविल डिफेंस को सूचना दी। सूचना पर देर रात करीब 9 बजे टीम मौके पर पहुंची टीम ने देर रात करीब 1 बजे तक शव को निकालने के लिए जाल, बिलाई आदि से मशक्कत की लेकिन हाल ही में हुए प्रतिमा विसर्जन के कारण बांध में प्रतिमाओं का ढेर लगा होने से शव जाल में नहीं आया। इस दौरान टीम के सदस्यों को प्रतिमाओं में लगे कील आदि से चोट भी आई है। जिससे सिविल डिफेंस को परेशानी का सामना करना पड़ा। jaipur news ऐसे में शुक्रवार रात करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने शनिवार सुबह 2 घंटे रेस्क्यू कर शव को बाहर निकाला। शव का बस्सी सीएचसी में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा।

जयपुर में किराये से रहता था
मृतक के भाई खोजुपुरी ने बताया कि खिवपुरी पिछले 6 महीने से जयपुर में मेरे साथ तेलीपाड़ा,जयपुर में किराये पर रहता था। यही पर ज्वैलरी का काम करता था।

मूर्ति विसर्जन के लिए हो अलग व्यवस्था
बांध से मृतक की लाश को निकलने के बाद सिविल डिफेंस के सदस्यों ने पांव में लगी मामूली चोट को देखा तो वहा मौजूद लोगों ने कहा कि विसर्जन के लिए बांध में एक स्थान निश्चित कर वहां जाल लगाना चाहिए। ऐसे में बांध पर जाल लगने से विसर्जन के दौरान होने वाले हादसे से बचा जा सकता है।