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Shahpura : 8 साल बाद आमराह को मिली एनओसी...पहाड़ काट बढ़ाएंगे सड़क की चौड़ाई, चढाई भी कम होगी

Satya Prakash

Publish: Sep 08, 2019 14:41 PM | Updated: Sep 08, 2019 14:41 PM

Bassi

-अमरसरवाटी क्षेत्र के हजारों लोगों की राह होगी आसान

-राडावास -बिशनगढ़ घाटी क्षेत्र का मामला

शाहपुरा/राडावास।
शाहपुरा से राडावास-बिशनगढ़ घाटी होते हुए सीधे अमरसरवाटी क्षेत्र में आवागमन की लम्बे इंतजार के बाद अब राह आसान होगी। यहां राडावास -बिशनगढ़ घाटी क्षेत्र में वन विभाग की करीब 1 किमी भूमि पर 8 साल बाद वन विभाग ने कुछ शर्तों पर सड़क निर्माण की एनओसी दे दी है। इससे 24 साल पहले निर्माण की गई सड़क का अब चौड़ाईकरण कर नवनिर्माण हो सकेगा।


सड़क का नवनिर्माण होने से अमरसरवाटी व उपखण्ड क्षेत्र की करीब २० से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों का आवागमन सुलभ होगा। हालांकि राज्य सरकार की ओर से बिशनगढ़ से सिंगोद तक सड़क निर्माण के लिए करीब १७.५५ करोड़ की राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी और अन्य जगह निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, लेकिन यहां एक किमी घाटी क्षेत्र में वन विभाग का अडंगा लगा देने से निर्माण कार्य अटका हुआ था।

अब वन विभाग के शासन सचिव ने शर्तोँ पर एनओसी के आदेश जारी कर दिए हैं। एनओसी मिलने से जल्द ही सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से सड़क की 5.5 मीटर चौड़ाई कर नवनिर्माण शुरू किया जाएगा। अब तक 1 किमी वन क्षेत्र में कई वर्षों से सड़क खस्ताहाल पड़ी होने से लोगों को आवागमन में दुविधा होती थी। अधिकांश लोगों ने यहां से आवागमन ही बंद कर दिया था।


सड़क निर्माण के 17 साल मरम्मत करने लगे तो लगा दी थी रोक

उल्लेखनीय है कि शाहपुरा उपखण्ड को अमरसरवाटी क्षेत्र की 14 ग्राम पंचायतों से सीधे जोडऩे के लिए वर्ष 1995 में कृषि उपज मण्डी की ओर से राडावास-बिशनगढ़ घाटी होते हुए सीधे डामर सड़क का निर्माण किया गया था। जिसमें राडावास-बिशनगढ़ घाटी क्षेत्र में करीब १ किमी का हिस्सा वन क्षेत्र में आता है।

यहां सड़क निर्माण के बाद 17 साल तक लोग आवागमन करते रहे। जब सड़क के पूरी तरह से खस्ताहाल होने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने वर्ष 2011-12 में सड़क का चौड़ाईकरण व मरम्मत कार्य शुरू किया तो वन विभाग ने वन क्षेत्र में निर्माण पर रोक लगाते हुए मरम्मत नहीं करने दी।

इतना ही नहीं सार्वजनिक विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ विभाग में मामला भी दर्ज किया गया। इस पर पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कार्य रेाक दिया। तब से सड़क खस्ताहाल होकर गड्ढों में तब्दील पड़ी है।

इसके बाद पीडब्ल्यूडी व जनप्रतिनिधियों ने एनओसी के लिए राज्य व केन्द्र सरकार को कई पत्र लिखे गए। जिस पर 8साल बाद अब शर्तों पर निर्माण की एनओसी मिली है।


उपखण्ड की 20 से अधिक पंचायतों के लोगों की राह होगी सुगम


शाहपुरा उपखण्ड को अमरसरवाटी से सीधे जोडऩे वाली इस सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर नवनिर्माण करने से शाहपुरा कस्बा सहित उपखण्ड क्षेत्र की करीब 20 से अधिक ग्राम पंचायतों के हजारों बाशिन्दों की राह आसान होगी। जिसमें अमरसरवाटी की 14 ग्राम पंचायतों के लोगों को अधिक विशेष राहत मिलेगी।


उनका उपखण्ड मुख्यालय, न्यायालय, तहसील, कृषि मण्डी, पंचायत समिति व अन्य विभागों से संबंधित कार्यों के लिए शाहपुरा आवागमन का यहीं एकमात्र सुगम रास्ता है।


सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को शाहपुरा आने के लिए अजीतगढ़ या देवीपुरा होते हुए आवागमन करना पड़ता है। जिससे कई पंचायतों के लोगों की तो र्क किमी की दूरी बढ़ जाती है। अब सड़क निर्माण कार्य के बाद दूरी कम होगी और समय की भी बचत होगी। लोगों को दिल्ली हाईवे तक पहुंचने में कम समय लगेगा.

शाम होते ही बना रहता है भय का माहौल


वन क्षेत्र में एक किमी सड़क खस्ताहाल होकर उबड़ खाबड़ होने से व कार्य अधूरा पड़ा होने से यहां से आवागमन करने वाले लोगों को शाम को अंधेरा होने के बाद परेशानी होती है। कई बार बदमाशों की ओर से छोटी मोटी लूटपाट की घटनाएं भी की जा चुकी है। वन्यजीवों का भी खतरा रहता है। जिससे वाहन चालक इस क्षतिगस्त सड़क से आवागमन करने में कतराते थे।

पहाड़ काटकर बढ़ाएंगे चौड़ाई

सार्वजनिक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता अनिल जांगिड़ ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से बिशनगढ़ से सिंगोद तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 17. 55 करोड की राशि स्वीकृति है। वन क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगह सड़क निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अब वन क्षेत्र में एनओसी मिलने से शीघ्र ही घाटी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य करवाया जाएगा।

वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर है। अब सड़क की चौढ़ाई बढ़ाकर 5.5 मीटर चौड़ाई की डामर सड़क का ििनर्माण किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो घाटी में पहाड़ी को काटकर चौड़ाई बढ़ाएंगे और सड़क की चढाई भी कम की जाएगी। जिससे आवागमन सुलभ होगा।

राजस्थान पत्रिका ने भी उठाया था मुददा

वन विभाग की ओर से मरम्मत कार्य पर रोक लगाने पर वर्ष 2012 से लेकर अब तक राजस्थान पत्रिका ने सिलसिलेवार कई खबरें प्रकाशित कर जनहित की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका ने 16 जनवरी 2012 में 17 साल बाद चेता वन विभाग शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामला उठाया।

इसके बाद भी अब तक कई समाचार प्रकाशित किए। जिस पर विभागीय अधिकारियों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने पुरजोर प्रयास किया। तब जाकर यह एनओसी मिली है।


इनका कहना है...
उक्त सड़क के लिए राशि स्वीकृत है और निर्माण कार्य अन्य जगह जारी है। घाटी क्षेत्र में सड़क निर्माण की अब एनओसी मिल गई है। अब शीघ्र ही यहां सड़क की चौड़ाई बढ़ाकर नवनिर्माण किया जाएगा। जिससे आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी।------अजीत जांगिड़, एक्सईएन, सार्वजनिक निर्माण विभाग