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जयपुर—दिल्ली हाइवे पर संभलकर चलाएं वाहन क्योंकि पुलिया हादसों को दे रही है दावत

Arun Sharma

Publish: Jul 18, 2019 17:27 PM | Updated: Jul 18, 2019 17:27 PM

Bassi

जयपुर—दिल्ली हाइवे पर संभलकर चलाएं वाहन क्योंकि पुलिया हादसों को दे रही है दावत

जयपुर (आंतेला) Matter of Bahdoda Puliya Near by Jaipur Rural Village aatela में जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण पुलिया पडी है खस्ताहाल
एनएचएआई दस साल बाद भी नहीं ले रही सुध, यहां हो चुके हैं कई हादसे।

 

आंतेला.कहने को तो Jaipur-Delhi NH-8 जयपुर-दिल्ली के बीच वाहन चालकों के लिए रफ्तार की सड़क है। जबकि जिम्मेदारों की अनदेखी से स्थिति विपरित नजर आ रही है। हालांकि जयपुर-दिल्ली हाईवे Hiway पर सिक्सलेन निर्माण कार्य वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण कंपनी की अनदेखी से निर्माण में रही खामियां और कई जगह अधूरा पड़ा सिक्सलेन निर्माण कार्य लोगों को दर्द दे रहा है। ऐसा हाल हाईवे स्थित बहडोदा नाले पर बने पुल का। हाल यह है कि सिक्सलेन निर्माण कंपनी ने करीब 10 साल बाद भी बहडोदा पुल निर्माण की कोई सुध नहीं ली है। हालांकि पुल शुरू होने से पहले दोनों तरफ सिक्सलेन का कार्य तो पूरा सा है। लेकिन बहडोदा नाले पर सिक्सलेन पुलिया निर्माण का कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा है। ऐसे हाल में पुल की दोनो तरफ की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारे हादसों को दावत दे रही है। पुलिया से गुजरते समय थोडी चूक वाहन चालक की जान पर भारी पड़ रही है। आए दिन हादसे हो रहे है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण NHAI एवं जिम्मेदार सिक्सलेन निर्माण कंपनी कोई ध्यान नहीं दे रही है। जबकि निर्माण कंपनी वाहन चालकों से मोटा टोल वसूल रही है।
कई गवा चूके जान
पुलिस प्रशासन की माने तो सिक्सलेन पुल निर्माण के अभाव में गत एक साल में दो निजी बस, एक पंजाब रोडवेज सहित करीब दो दर्जन से अधिक छोटे-बड़े वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो चूके है। हादसों के दौरान करीब चार दर्जन लोग हादसों के शिकार हो चुके है तथा इनमें बाइक सवार कई लोग जान गवा चुके है।
बरसों पुराना है पुल
जानकारों ने बताया कि करीब 50 साल पहले बहड़ोदा नाले पर पुल बनाया गया था। ऐसे में पुल की रैलिंग और दीवारे क्षतिग्रस्त हो चुकी है। हालांकि गत हाईवे फोरलेन विस्तार के दौरान भी दिल्ली से जयपुर की तरफ गुजरने वाले वाहनों के लिए एक तरफ ही पुल निर्माण कार्य हुआ था। प्रदेश का व्यस्ततम मार्ग होने के बावजूद सिक्सलेन निर्माण में पुल के चौडाईकरण की कोई सुध नहीे ले रहे है।
स्वीकृति होने में घालमेल
इसे राष्टीय राजमार्ग प्राधीकरण की अनदेखी कहें या निर्माण कंपनी का नकारा सिस्टम। पुल निर्माण के संबंध में जिम्मेदार कंपनी के अधिकारी भी मौन है। ऐसे में पुल निर्माण की स्वीकृति में घालमेल से इंकार नहीं किया जा सकता है। ग्रामीणों की माने तो एक निजी होटल संचालक के ऊंचे रसूख के चलते पुल निर्माण कार्य अटका हुआ है। हाल संसद सत्र में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सांसद ने जयपुर-दिल्ली हाईवे पर अधूरे पड़े अन्य प्लाईओवरों के निर्माण कराने का आग्रह किया, लेकिन बहडोदा पुल निमा्रण का कही जिक्र नही था। ऐसे में सिक्सलेन निर्माण में पुल के चौडाईकरण के लिए जिम्मेदार जनप्रतिनिधि भी दबाव नहीं बना रहे है। जबकि जनप्रतिनिधि पुल के चौडाईकरण के लिए प्रयास करे तो स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों को हादसों से निजात मिल सकती है। (नि.सं.)
इनका कहना है कि
हाईवे सिक्सलेन निर्माण में पुल चौडाईकरण के लिए प्रस्ताव भिजवाएं जा चुके है। संबंधित पुल की स्वीकृति मिलते ही शीघ्र निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
एनएन गिरी, प्रोजेक्टर डायरेक्टर एनएचएआई