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Jaipur rural : छात्रों की गुहार, सुनो सरकार

Satya Prakash

Publish: Oct 18, 2019 18:54 PM | Updated: Oct 18, 2019 18:54 PM

Bassi

चिमनपुरा की कृषि फैकल्टी के छात्रों ने विधायक को बताई पीड़ा


शाहपुरा।

चिमनपुरा के बाबा भगवानदास राजकीय महाविद्यालय में संचालित कृषि फैकल्टी को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की मान्यता दिलाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को क्षेत्रीय विधायक इन्द्राज गुर्जर से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने आईसीएआर की मान्यता के अभाव में छात्रों को हो रही परेशानी से अवगत कराते हुए समस्या का समाधान करने की गुहार की।

कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मीणा ने विधायक को बताया कि कॉलेज में 40 साल से कृषि संकाय संचालित है। यहां पढ़े हुए छात्र आज देशभर में कई जगह उच्च पदों पर आसीन है, लेकिन अब नई गाइडलाइन के मुताबिक फैकल्टी का आईसीएआर की मान्यता होना आवश्यक है।

मान्यता के अभाव में यहां बीएससी एग्रीकल्चर में अध्ययनरत और अध्ययन कर चुके छात्रों के अन्य प्रदेशों में उच्च अध्ययन व रोजगार के अवसर समाप्त हो गए हैं। हाल ही छात्रों का एमपी के विश्वविद्यालयों में एमएससी में प्रवेश तक नहीं लिया गया। जिससे छात्रों के भविष्य अंधकार में है।

उन्होंने चिमनपुरा में संचालित कृषि संकाय को आईसीएआर की मान्यता दिलाने की गुहार की। इसके अलावा कृषि संकाय का नया कैम्पस बनाने और छात्रावास सुविधा की भी विधायक से मांग की। जिस पर विधायक ने शीघ्र ही इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री से वार्ता कर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।

सीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन
छात्रों ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कृषि मंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री के नाम भी उपखण्ड अधिकारी शाहपुरा नरेन्द्र कुमार मीणा को ज्ञापन सौंपा और छात्रों को हो रही समस्या से अवगत कराया। इस दौरान छात्र संघ अध्यक्ष रोहित मीणा, सत्यवान प्रजापत, सांवरमल ताखर, मांगीलाल जाट, हरिओम, मुकेश यादव, पूजा देवंदा, पिंकी, पूजा, चौधरी एवं कृषि सकांय के कई छात्र उपस्थित रहे।

कृषि विवि से मान्य, आईसीएआर से नहीं मान्यता

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के हाल ही के एक आदेश ने यहां कृषि संकाय में बीएससी एग्रीकल्चर में अध्ययनरत व पढ़ाई पूरी कर चुके कृषि छात्रों की परेशानी अधिक बढ़ा दी है।

आदेश के तहत प्रदेश से बाहर रोजगार व उच्च अध्ययन के लिए छात्र-छात्राओं की डिग्री का आईसीएआर से मान्य होना जरूरी है।

चिमनपुरा का कृषि संकाय जोबनेर कृषि विवि से तो मान्य है, लेकिन अभी तक आईसीएआर से मान्यता नहीं मिली है। ऐसे में यहां के छात्रों को प्रदेश के बाहर के कृषि विश्वविद्यालयों में उच्च अध्ययन के लिए प्रवेश नहीं मिल पा रहा। कई छात्र अक्टूबर माह में उच्च अध्ययन के लिए दस्तावेजों का सत्यापन कराने कृषि विवि ग्वालियर और जबलपुर गए तो वहां आईसीएआर से मान्यता नहीं होने से एमएससी एजी में प्रवेश नहीं दिया।