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ट्रेनिंग की दौड़ में जिन्दगी की रेस हार गया जीआरपी का ट्रेनी कांस्टेबल

Satya Prakash

Publish: Aug 21, 2019 21:55 PM | Updated: Aug 21, 2019 21:55 PM

Bassi

दौड़ के दौरान बेहोश होकर गिर पड़ा जीआरपी का ट्रेनी जवान, हुई मौत

 

-ग्रामीणों व परिजनों ने मुआवजा, आश्रित को नौकरी व शहीद का दर्जा देने की मांग की

 

शाहपुरा/अजीतगढ़।

 

ग्राम दिवराला की ढाणी त्रिलोकसिंह वाली निवासी जीआरपी में ट्रेनिंग कांस्टेबल कमलेश कुमार सैनी (23 ) भरतपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर में चल रही टे्रनिंग के दौरान हुई फाइनल दौड़ में अचानक तबीयत बिगडऩे से जिन्दगी की रेस हार गया। टे्रनिंग के दौरान हुई फाइनल दौड़ में अचानक तबीयत बिगडने से उसकी मौत हो गई।

 

 

ट्रेनिंग में करीब 7 किमी दौड़ के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहंा उसे मृत घाषित कर दिया। इधर, कांस्टेबल की मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार दोपहर बाद जवान की पार्थिव देह गांव लाई गई। जहां गार्ड आफॅ ऑनर देकर अंतिम संस्कार किया गया।

 

 

अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने, आश्रित को सरकारी नौकरी देने व मृत कांस्टेबल को शहीद का दर्जा देने की मांग की। जिस पर अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर अंतिम संस्कार कराया।

 

इससे पहले बुधवार दोपहर 1.30 बजे कांस्टेबल का शव पैतृक गांव दिवराला की ढाणी त्रिलोक सिंह जी वाली पहुंचा, तो परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। ट्रेनी कांस्टेबल की मां, पिता गोकुल सैनी, दादा रूडा राम, छोटा भाई जितेंद्र की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

 

 

इसके बाद दोपहर 2 बजे शव की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें आसपास के सैकड़ों लोग शािमल हुए। शव पर राजस्थान पुलिस, जीआरपी पुलिस अधिकारी जनप्रतिनिधि व आम लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। राजस्थान पुलिस के जवानों ने अंतिम सलामी दी। बाद में कांस्टेबल के छोटे भाई जितेंद्र ने शव को मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखों में आंसू आ गए।

 

 


अंत्येष्टि में नीम का थाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश अग्रवाल, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर भरतपुर के कमांडेंट यशपाल त्रिपाठी, पुलिस उप अधीक्षक नारायण लाल, अजीतगढ़ थाना प्रभारी सवाई सिंह, श्रीमाधोपुर थाना प्रभारी लाल सिंह, नीम का थाना जीआरपी थाना प्रभारी मोहनलाल, श्रीमाधोपुर के पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा, जिला पार्षद दशरथ सिंह पारोडा, मुकेश कुमार यादव, रणवीर सिंह आसपुरा,


अजीतगढ़ युवा कांग्रेस अध्यक्ष छोटू रैया, दिवराला सरपंच प्रतिनिधि शंकर सिंह , पूर्व सरपंच गंगाराम सैनी, युवा नेता सुरेंद्र डागर, राम अवतार सैनी, दिवराला चौकी प्रभारी श्री राम समेत कई पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम लोग उपस्थित थे।

 

 

 

 

7 किमी दौड़ के बाद बेहोश होकर गिर पड़ा ट्रेनी कांस्टेबल


जानकारी के अनुसार ग्राम दिवराला की ढाणी त्रिलोकसिंह वाली निवासी जीआरपी में ट्रेनिंग कांस्टेबल कमलेश कुमार सैनी पुत्र गोकुल राम सैनी की मंगलवार को भरतपुर के बांसी बुर्जा पुलिस ट्रेनिंग सेन्टर में टे्रनिंग के दौरान आयोजित हुई फाईनल दौड़ में अचानक तबीयत बिगडने से मौत हो गई।


पुलिस टे्रनिंग सेन्टर के कमांडेंट यशपाल त्रिपाठी ने बताया कि 10 किमी की दौड़ के दौरान 197 ट्रेनी में 2 दौड़ के लिए अनफिट मिले। कमलेश सैनी सहित अन्य ट्रेनी पूरी तरह से फीट होने पर दौड़ करवाई गई थी। करीब 7 किमी की दौड़ के बाद कमलेश अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। मोबाइल टीम की सहायता से उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

 

जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर भरतपुर पुलिस अधीक्षक हैदर अली ने अस्पताल पहुंच कर जानकारी ली तथा सीकर पुलिस के माध्यम से परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद रात को परिजन भरतपुर पहुंच गए।

 

 

 

एक साल पहले हुआ था भर्ती


ट्रेनी कांस्टेबल कमलेश कुमार एक वर्ष पहले ही जीआरपी पुलिस में अजमेर से भर्ती हुआ था। उनकी ट्रेनिंग अंतिम दौर में चल रही थी। कांस्टेबल कमलेश कुमार दो भाई थे। जिनमें वह बड़ा था। छोटा भाई जितेंद्र कुमार अभी पढ़ाई कर रहा है। पिता गोकुल चंद सैनी हलवाई के साथ मजदूरी करते हैं। उसकी घर की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। कमलेश के नौकरी लगने के बाद घर वालों ने सोचा कि अब उनके अच्छे आएंगे, लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था।

 

 

 


आर्थिक सहायता व आश्रित को नौकरी के लिए सौंपा ज्ञापन

 

वहां उपस्थित सैकड़ों लोगों ने श्रीमाधोपुर के पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा के नेतृत्व में नीम का थाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार अग्रवाल, कमांडेंट यशपाल त्रिपाठी, पुलिस उप अधीक्षक नारायण राम को जीआरपी के अधिकारियों और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आर्थिक सहायता और आश्रित को नौकरी देने की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, ऐसे में आर्थिक सहायता व आश्रित को नौकरी दी जाए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे सरकार को ज्ञापन भेज देंगे और पूरी कोशिश करेंगे। इस दौरान जीआरपी ट्रेनिंग सेंटर के कांस्टेबलों व अधिकारियों ने मृत कांस्टेबल के पिता को एक लाख की नकद आर्थिक सहायता राशि अपनी तरफ से सौंपी।

 

 

 

आर्थिक सहायता की मांग को लेकर मोक्षधाम में रोका अंतिम संस्कार


ग्रामीणों ने आश्रित को नौकरी, 50 लाख का मुआवजा व शहीद पैकेज दिलाने की मांग को लेकर मोक्षधाम में अंतिम संस्कार की कार्रवई को रोक दी। बाद में श्रीमाधोपुर के पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मौके पर आए कमांडेंट त्रिपाठी व एएसपी अग्रवाल ने सरकार तक मांगें भिजवाने व विभागीय नियमानुसार आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर अंतिम संस्कार किया गया।

 


नहीं हुई थी शादी


ढाणी त्रिलोकसिंह वाली निवासी गोकुल सैनी के दो पुत्रों में कमलेश बडा था। परिवार की आर्थिक स्थित सही नहीं होने के बाद भी पिता ने बेटे को पढा लिखा कर जीआरपी में भर्ती कराया। बेटे के नौकरी लगने के बाद परिवार को बडी उम्मीदें थी। छोटे भाई ने भी कई सपने पाल रखे थे। कमलेश की अभी शादी भी नहीं हुई थी। टे्रनिंग के बाद उसकी शादी करने की तैयारियां शुरू हो गई थी।