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मौसमी बीमारी ने पांव पसारे, वार्डों में मरीजों के लिए नहीं मिल रहे बेड खाली

Satya Prakash

Publish: Sep 20, 2019 20:01 PM | Updated: Sep 20, 2019 20:01 PM

Bassi

-अस्पतालों में बढ़ रहे वारयल के मरीज

-वार्डों में मरीजों के लिए नहीं मिल रहे बेड खाली

शाहपुरा/अजीतगढ़.
मौसम में आ रहे बदलाव व तापमान में उतार -चढाव से मौसमी बीमारियां पैर पसार रही है। मौसमी बीमारियों के बढते प्रकोप से घर-घर में लोग बीमारी की जकडऩ में है।

शाहपुरा में आउटडोर में मरीजों का आंकड़ा 1500 के पार पहुंच गया, वहीं अजीतगढ़ के बाबा नारायण दास राजकीय सामान्य चिकित्सालय में एकाएक ओपीडी का आंकडा बढ़कर 1000 से बढ़कर 1200 के पार जाने लगा है।

वहीं वार्डों में मरीजों के लिए बेड खाली नहीं मिल रहे है। अस्पताल खुलने से पूर्व ही मरीजों की ओपीडी पर्ची के लिए कतारंे लग जाती है। पर्ची कटवाने के बाद चिकित्सकों के कक्षों, जांच केन्द्रों व दवा लेने में मरीजों को कई घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है।

बुखार, खंासी, जुखाम, उल्टी दस्त, शरीर में दर्द की शिकायतों के मरीज अस्पताल में अधिक संख्या में पहुंच रहे है। अस्पताल में एक हजार के पार जा रहे आंकडे में 90 प्रतिशत से अधिक मरीज मौसमी बिमारियों से ग्रसित आ रहे है।

एक दवा वितरण काउन्टर है बंद

अस्पताल में 1 सितंबर से 19 सितंबर तक 17 हजार से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार करवाने पहुंचे हैं। माह से शुरूआत में भले ही मरीजों का ग्राफ कम रहा हो, लेकिन अब लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल में ऑनलाइन ओपीडी पर्ची कटवाने में अधिक समय लग रहा है,

वहीं अस्पताल में मरीजों की बढती संख्या को दो देखते हुए चार दवा वितरण काउन्टर होने चाहिए, लेकिन अभी फिलहाल स्वीकृत 3 दवा वितरण काउन्टरों में भी एक काउन्टर फार्मासिस्ट की कमी के चलते बंद है।


300 से अधिक आ रहे बच्चे


अस्पताल में सभी चिकित्सकों के पास मरीजों की भीड़ नजर आती है। अस्पताल खुलने से बंद होने तक मरीजों से चिकित्सक कक्ष खचाखच भरा रहता है। मौसमी बिमारियों का प्रकोप बच्चों में अधिक हो रहा है।

शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष जागिंड ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन ३५० से अधिक बच्चे मौसमी बीमारियों से ग्रसित आ रहे है।

इस मौसम में बच्चों के प्रति अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि खानपान का विशेष ध्यान रखने के साथ बच्चों को पूरे आस्तीन के कपडे पहनाएं तथा घर के कुलर व आसपास ज्यादा समय तक पानी एकत्रित नहीं रहने दें।

इनका कहना है-----

मौसम परिवर्तन से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे मे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्कता है। चिकित्सा विभाग मुस्तैद है। अभी तक मलेरिया, डेंगू सहित गंभीर बिमारियों का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। दवा वितरण काउन्टर बढाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवा कर एक और फार्मास्टि लगाने की मांग की है। -------------डॉ. ओपी वर्मा, पीएमओ, बाबा नारायण दास सामान्य अस्पताल, अजीतगढ़