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कतार में रह गया इंतजार, बिना जांच के बैरंग लौटे सैकड़ों मरीज

Mahendra Trivedi

Publish: Nov 08, 2019 12:03 PM | Updated: Nov 08, 2019 12:03 PM

Barmer

-कतारें लगी रही, अचानक बंद कर दिया नमूने लेने का काम -सैकड़ों मरीज हुए परेशान, निशुल्क जांच का नहीं मिल रहा लाभ -मजबूरी में निजी में करवानी पड़ रही है सैकड़ों मरीजों को जांच -डेंगू फैलने के बाद नमूनों की संख्या हो गई तीन गुणा

बाड़मेर. थार में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्पताल में ओपीडी ढाई हजार से ऊपर जा रही है। दो तिहाई से अधिक मरीज बुखार के आ रहे हैं। इसके चलते डेंगू, मलेरिया और सीबीसी जांच के लिए नमूने देने वाले मरीजों की कतारें लग रही हैं।

पिछले दस दिनों से बुखार के मरीजों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने जांच का काम बढ़ा दिया है। ओपीडी में दिखाने के बाद जांच के लिए कतार में लगे सैकड़ों मरीजों को गुरुवार को बैरंग लौटना पड़ा। अचानक कार्मिकों ने काम बंद कर दिया। इसके चलते सैकड़ों मरीज जांच से वंचित रहे।

जबकि ओपीडी का समय 3 बजे तक है। वहीं अस्पताल में नमूने लेने का काम एक बजे तक ही हो रहा है। मरीजों ने अधिकारियों से मिलकर रोष जताया लेकिन वहां पर भी उन्हें राहत नहीं मिली।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सुविधाएं व संसाधन जरूर बढ़ गए हैं, फिर भी मरीजों को राहत नहीं मिल रही है। डेंगू व मौसमी बीमारियों के बढऩे से मरीजों की संख्या के साथ नमूनों की जांच का काम बहुत अधिक हो गया है।

फिर भी कार्मिक नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। इससे मरीजों को सुविधाएं होते हुए निशुल्क सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। मजबूर होकर मरीज को निजी लैब में पैसे खर्च कर जांच करवानी पड़ती है।

ओपीडी 3 बजे तक और नमूने का समय 1 बजे तक

अस्पताल में ओपीडी सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक है। इसके चलते मरीज अस्पताल में चिकित्सक से जांच करवाते हैं। मरीज को जांच की सलाह पर वह नमूना संग्रहण केंद्र पहुंचता है, यहां पर उसे ताला लगा मिलता है।

इधर-उधर पूछताछ पर पता चलता है कि यहां तो 1 बजे तक नमूने लिए जाते हैं। ऐसे में एक बजे बाद दिखाने वाले मरीजों को निशुल्क जांच के लिए या तो एक दिन इंतजार करना पड़ता है, दूसरा रास्ता निजी लैब में जाने का बचता है। दूर-दराज गांवों से आने वाले मरीज रात में रुक नहीं सकते हैं, ऐसे में उन्हें निजी लैब की शरण लेनी पड़ रही है।

80 नमूनों की संख्या बढ़कर 300 के पार पहुंची

नमूना संग्रहण केंद्र पर दस दिन पहले तक 80-100 के बीच नमूनों की जांच हो रही थी। लेकिन डेंगू फैलने के बाद चिकित्सक भी तुरंत जांच लिख रहे हैं।

इसके चलते लैब कार्मिकों पर नमूने लेने का दबाव बढ़ गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कार्मिक भी नहंी बढ़ाए हैं। इन दिनों में खून के नमूनों की संख्या 300 के पार पहुंच रही है।

पर्ची पर लिखी जांच तो निशुल्क नहीं होगी

ओपीडी में कई चिकित्सक मरीज की प्रिस्क्रिप्शन पर्ची पर जांच के लिए लिख रहे हैं। जबकि निशुल्क जांच में अलग-अलग रंग की पर्चियां हैं। इन पर्चियों पर ही लैब में जांच होती है। लैब में कार्मिक इनका रेकार्ड रखते हैं।

ताकि नमूनों में कोई गफलत हो तो पता चल सके। लेकिन चिकित्सकों की ओर से पर्ची पर ही जांच लिखने के कारण लैब उन्हें वापस लौटा रही है। इसके चलते लम्बे समय बाद नम्बर आने के बावजूद जांच नहीं होने का खामियाजा मरीज को भुगतना पड़ रहा है।

अब जाकर मशीन हुई दुरुस्त

पिछले काफी समय से नमूनों की जांच की मशीन खराब चल रही थी। इसके चलते नमूनों की जांच मैनुअल तरीके से की जा रही थी। जिसमें समय भी अधिक लग रहा था।

अस्पताल में खराब मशीन को गुरुवार को दुरुस्त किया गया। अब नमूनों की जांच में गति आई है। मरीजों को भी समय पर रिपोर्ट मिलने लगी है।

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