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8वीं तक पढ़ी राजस्थान की ये बेटी ‘कौन बनेगा करोड़पति' में आज बिग बी से करेगी मुकाबला

Dinesh Saini

Publish: Sep 20, 2019 14:51 PM | Updated: Sep 20, 2019 14:55 PM

Barmer

Ruma Devi In Kaun Banega Crorepati: राजस्थान के बाड़मेर के छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली रूमा देवी ( Ruma Devi ) एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। राष्ट्रपति के हाथों 'नारी शक्ति पुरस्कार' ( Nari Shakti Puraskar ) लेने वाली रूमा देवी आज 20 सितंबर को बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) के साथ दिखाई देने वाली है...

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर के छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली रूमा देवी ( Ruma Devi ) एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। राष्ट्रपति के हाथों 'नारी शक्ति पुरस्कार' ( Nari Shakti Puraskar ) लेने वाली रूमा देवी आज 20 सितंबर को बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) के साथ दिखाई देने वाली है। जी हां रूमा देवी ‘कौन बनेगा करोड़पति' ( Kaun Banega Crorepati ) शो में बिग बी के प्रश्नों का उत्तर देती नजर आएंगी। रूमा देवी ने बताया कि जब केबीसी ( KBC ) से पहली बार उनके पास कॉल आया था तो उन्हें लगा कि ये कॉल फेक है। लेकिन कॉल दोबारा आने के बाद उन्हें यकीन हुआ और उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। रूमा देवी केबीसी के लिए मुंबई पहुंच चुकी हैं।

सोनाक्षी सिन्हा करेंगी मदद
रूमा देवी अनुसार वह आठवीं कक्षा तक पढ़ी लिखी हैं और उनके लिए केबीसी में खेलना काफी कठिन था। इसलिए उन्हें केबीसी में खेलने के लिए किसी की मदद की जरुरत थी, इसलिए सोनाक्षी सिन्हा को उनकी मदद के लिए चुना गया।

बाड़मेर की खास सौगात की भेंट
रूमा देवी ने बताया कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन को देखते ही उनके मन की मुराद पूरी हो गई। वह बिग बी की बहुत बड़ी फैन है। वह बिग बी के बात करने के तरीके और उनके अंदाज से काफी प्रभावित है। रूमा देवी ने शो के दौरान अमिताभ बच्चन को बाड़मेर की खास एप्लिक वर्क से बनी हुई चादर भेंट की। इस दौरान बिग बी ने भी रूमा देवी से जैसलमेर से जुड़ी अपनी कई यादों को भी साझा किया।

अमिताभ बच्चन के साथ रूमा देवी ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि वह गरीबी में पली बढ़ी हैं। रूमा देवी की शादी भी 17 साल की उम्र में ही हो गई और फिर ससुराल की जिम्मेदारी। एक घटना ने रुमा देवी के जीवन को बदल दिया। पैसे के अभाव में इलाज नहीं मिलने पर डेढ़ साल के बेटे को खोने के गम ने रुमा देवी को एक तरफ तोड़ दिया तो दूसरी तरफ कुछ बड़ा करने की प्ररेणा दी। बेटे की मौत के बाद उन्होंने अपनी दादी से सीखे हुए कशीदाकारी के हुनर को आगे बढ़ाया। पहले इस काम को खुद किया और फिर संस्थान के माध्यम से कई महिलाओं को जोड़ा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 75 गांवों में 22 हजार महिलाएं रूमा देवी के साथ इस कार्य को कर रही हैं। एप्लिक के वर्क को देश-विदेश में पहचान मिल रही है।

राष्ट्रपति ने भी किया सम्मानित
रूमा देवी के हाथ से बने कपड़ों को भी काफी सराहा गया है। उन्हें कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। 8 मार्च को राष्ट्रपति ने भी रूमा देवी को ‘नारी शक्ति पुरस्कार‘ से भी सम्मानित किया था। इसी के साथ लंदन, जर्मनी, सिंगापुर और कोलंबो के फैशन वीक्स में भी उनके उत्पादों का प्रदर्शन हो चुका है।