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स्टेशन पर स्कैनर मशीन न तीसरी आंख, सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल!

bhawani singh

Publish: Oct 20, 2019 22:02 PM | Updated: Oct 20, 2019 22:02 PM

Barmer

- भारत-पाक बॉर्डर से जुड़ा है बाड़मेर जिला

-लम्बी दूरी की ट्रेनों का होता है संचालन

- सीसीटीवी व अन्य सुरक्षा को लेकर नहीं है प्रबंध

बाड़मेर. सावधान! सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील भारत-पाक बॉर्डर से जुड़े बाड़मेर जिला मुख्यालय के आदर्श रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर पुख्ता व्यवस्था नहीं है। स्टेशन पर तीसरी आंख है और ना ही सामान आदि की जांच के लिए स्कैनर आदि।

बाड़मेर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री रेल की यात्रा करते हैं। इसके अलावा तेल-गैस का उत्खनन होने के बाद बाहरी लोगों का आना-जाना बढ़ गया है। कई संदिग्ध भी बाड़मेर पहुंचे हैं और पकड़े गए। लेकिन स्टेशन की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और स्कैनर एक्स-रे की कमी अखर रही है।

इतना ही नहीं बाड़मेर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के अलावा कई ऐसे रास्ते हैं कि कोई भी आसानी से परिसर तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद भारत-पाक के बीच तनाव को लेकर बॉर्डर से सटे जिलों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। लेकिन आदर्श रेलवे स्टेशन बाड़मेर पर कोई पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का ऐतराज?

सूत्रों से जानकारी में सामने आया है कि बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर खास बंदोबस्त नहीं है। ऐसी स्थिति में स्टेशन संदिग्धों पर चौकसी नहीं रख पा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का सवाल है कि बाड़मेर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

यहां सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा स्कैनर एक्सरे मशीन सहित स्टेशन के चारों तरफ से सुरक्षित होना चाहिए। कई बार आंतरिक सुरक्षा समिति की बैठक में स्टेशन सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हंै।

चारों तरफ खुला है स्टेशन

बाड़मेर का आदर्श स्टेशन का यूं तो मुख्य द्वार एक है, जबकि हकीकत कुछ और है। यह स्टेशन चारों तरफ से खुला है। स्टेशन परिसर में कोई भी कहीं से भी आवाजाही कर सकता है। ट्रेन समय के बाद रेलवे पुलिस भी सुरक्षा को लेकर मुस्तैद नजर नहीं आती है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था में सेंध का अंदेशा बना रहता है।