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मंत्री अधिकारियों पर बिफरे, बोले- प्रतापगढ़-डूंगरपुर भिजवा दूंगा

bhawani singh

Publish: Sep 15, 2019 13:04 PM | Updated: Sep 15, 2019 13:04 PM

Barmer

- अधिकारियों की टाल-मटोल पर बोले- काम चाहिए, बहाने नहीं, गेहूं की गुणवत्ता की जांच की जाए, वरना प्रतापगढ़ भिजवा दूंगा

 

बाड़मेर. स्थानीय सर्किट हाऊस में शनिवार को जनसुनवाई में खाद्य व आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा ने अपने तीखे तेवर दिखाए और जनसुनवाई में अधिकारियों की जमकर क्लास लग गई। समीक्षा बैठक में गेहूं गुणवत्ता जांच के सवाल में निरुत्तर रहे निगम अधिकारी को कहा कि सुधार कर लो, नहीं तो प्रतापगढ़ भेज दूंगा। उन्होंने डीएसओ व जलदाय विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगाई। समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि धरातल पर काम होना चाहिए।

गेहूं नहीं मिले तो डूंगरपूर भेज दूंगा?
जनसुनवाई में एक ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचा कि गांव की दुकान शहर में संचालित हो रही है। यहां 25 रुपए गेहूं मिलते हैं। उसकी एवज में 250 रुपए किराया लग जाता है। इस पर मंत्री भड़क गए और डीएसओ को कहा कि 15 दिवस में गांव में दुकान संचालित होनी चाहिए,वरना डूंगरपुर भेज दूंगा।

5 हजार दो, ट्रांसफार्मर ले जाओ?
सांजटा निवासी एक युवक ने मंत्री के समक्ष पेश होकर कहा कि डिस्कॉम के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते 5 हजार रुपए में टांसफार्मर मिल रहे हैं और 1 हजार में मीटर। इस पर मंत्री ने डिस्कॉम एसई से जबाव मांगा। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एफआइआर दर्ज करवाई जाए। साथ ही अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए। इस पर एसइ ने कहा कि आज ही एफआइआर दर्ज करवाता हूं। जनसुनवाई में विद्युत तार झूलने, खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़वाने, पेयजल आपूर्ति संबंधि शिकायतें सामने आई।

निगम अधिकारी को घेरा
खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी बंसत चौधरी को जमकर खरी-खरी सुनाई। कहा कि गेहूं की गुणवत्ता जांच होती है? अधिकारी संतोषजनक जबाव नहीं दे पाए। इस पर मंत्री ने कहा कि कहां के रहने वाले हो? बाड़मेर का रहने वाला हूं। इस पर कहा सुधार कर लो, वरना प्रतापगढ़ भेज दूंगा। इसके बाद कलक्टर को कहा कि एफसीआई गोदाम चेक करवाना। साथ ही कहा कि गेहूं की आपूर्ति होने के बाद जानकारी ऑनलाइन होनी चाहिए।

बंगले-एसी वाले उठा रहे गेहूं?
एक युवक ने मंत्री के समक्ष पेश होकर कहा कि पात्र लोगों को राशन नहीं मिल रहा है और अपात्र लोग एसी-बंगलों में बैठ कर राशन की सामग्री उठा रहे हैं। इस पर मंत्री ने जांच के आदेश दिए। पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा में जोड़ा जाए। अपात्र को हटाया जाए।

अधिकारियों को नसीहत
मंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं। आप अपनी कार्यशैली में सुधार कर लो। आमजन की सुनवाई गंभीरतापूवर्क की जाए। छोटी-छोटी बातों पर आमजन को दफ्तरों के चक्कर मत कटवाना। आमजन की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। और उन्हें संतोषजनक जबाव मिले। कई बार ऐसा सामने आता है कि मामूली बात पर उसे वापस भेज दिया जाता है। आप सोचो, वह 100 किमी का सफर तय कर आपके द्वार पहुंचता है। सरकार काम अच्छा कर रही है, यह सब धरातल पर दिखना चाहिए। विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं। इस पर मंत्री ने कहा कि सबके चेहरे सामने हैं, अबकी बार आऊंगा तब तक सुधार होना चाहिए।

कानून व्यवस्था में हो सुधार
मंत्री ने पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा से कहा कि आज अखबार में पढ़ रहा था, अपराध बढ़ रहा है। इस पर अंकुश लगना चाहिए। गंभीर अपराध पर प्रभावी तरीके से मॉनिटरिंग तत्काल निस्तारण किया जाए।