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अतिक्रमण कर क्रेशर लगाने का मामला: जांच रिपोर्ट एक माह से पटवारी के बस्ते में फांक रही धूल

Moola Ram Choudhary

Publish: Dec 06, 2019 21:05 PM | Updated: Dec 06, 2019 21:05 PM

Barmer

- असाड़ा में अतिक्रमण कर क्रेशर लगाने का मामला

- विधायक ने कहा- मैंने उपखण्ड अधिकारी को दी थी जानकारी, एसडीएम बोले- उनको नहीं पता

 

 

 

बालोतरा. सरकारी जमीनों पर किए जा रहे अतिक्रमणों के मामले में राजस्व विभाग व प्रशासन कितना गंभीर है, इसका ताजा उदाहरण असाडा गांव में पहाड़ी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर लगे क्रेशर का मामला ही काफी है। यहां पर करीब दो माह पूर्व रिफाइनरी में कार्य करने वाली फर्म ने एक लीजधारक से सांठ-गांठ कर सरकारी गैर मुमकिन भूमि पर स्टोन क्रेशर लगा दिया।

इसके बाद तहसीलदार के मौखिक निर्देश पर एक माह पहले पटवारी व भू अभिलेख निरीक्षक ने मौका मुआयना कर जांच रिपोर्ट बनाई, लेकिन जनप्रतिनिधियों व रसूखदारों के दबाव के चलते पटवारी व आरआइ उस जांच रिपोर्ट को आगे तहसीलदार के पास भेजने से कतरा रहे है, नतीजतन रिपोर्ट अभी भी पटवारी के लाल बस्ते में पड़ी धूल फांक रही है।

पटवारी व आरआइ भी दबी जुबां स्वीकार कर रहे है कि असाडा गांव के पहाड़ी क्षेत्र की करीब 2 बीघा से अधिक सरकारी जमीन पर क्रेशर प्लांट व अन्य मशीनरी स्थापित की हुई है। इस मामले को लेकर राजस्थान पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर खुलासा किया था।

मूंगिया व कंक्रीट की मांग बढऩे से जमीन की बढ़ी कीमतें-

पचपदरा रिफाइनरी के फाउंडेशन कार्य में मूंगिया व कंक्रीट का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें कई कंपनियां काम कर रही हैं। इस पर कंपनी ने ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में असाड़ा के एक लीजधारक से सांठ-गांठ कर पहाड़ी क्षेत्र की बेशकीमती जमीन पर क्रेशर की मशीनरी स्थापित कर ली।

जिम्मेदार बन रहे अनभिज्ञ-

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मशीनरी लगाने के संबंध में पत्रिका संवाददाता ने जब उपखंड अधिकारी रोहित कुमार ने बात की तो उन्होंने अतिक्रमण की जानकारी होने से इंकार कर दिया, जबकि विधायक प्रजापत ने पत्रकार वार्ता में दावा कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व उपखंड अधिकारी को अवगत करवाया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। जसोल नायब तहसीलदार मूलाराम सैन ने बताया कि उन्हें इस प्रकार के अतिक्रमण की कोई जानकारी नहीं है।

विधायक ने तहसीलदार को दिए कार्रवाई के निर्देश-

असाडा गांव के पहाड़ी क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने के मामला राजस्थान पत्रिका की ओर से खुलासा किए जाने के बाद विधायक मदन प्रजापत ने मामले को गंभीरता से लिया।

उन्होंने उपखंड अधिकारी व तहसीलदार को मामले की जांच कर जल्द से जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि किसी भी सूरत में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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