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अब तुरंत सुनी जाएगी पीडि़त महिलाओं की फरियाद, बाड़मेर में होगी स्पेशल यूनिट

Moola Ram Choudhary

Publish: Aug 23, 2019 13:54 PM | Updated: Aug 23, 2019 13:54 PM

Barmer

- अलवर प्रकरण के बाद सरकार ने किए थे आदेश
- नवसृजित महिला सेल में डिप्टी की नियुक्ति

- स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेस्ट वूमेन

बाड़मेर. प्रदेश में महिलाओं के साथ अत्याचार व प्रताडऩा की घटनाएं दिनोंदिन बढ़ रही है। महिला अपराध रोकथाम सहित बाल व वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा (Child and Senior Citizen Safety) के लिए अब जिला मुख्यालय पर महिला यौन अपराध निवारण प्रकोष्ठ (Female Sexual Offenses Prevention Cell) की जगह स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम (Special Investigation Unit for Crime) (एसआइयूसीएडब्ल्यू) गठित किया गया है।

महिलाओं से जुड़े मामलों की जांच उपाधीक्षक स्तर का अधिकारी करेगा। साथ ही जिला मुख्यालय पर महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचार की फरियाद सुनकर तुरंत आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

प्रदेश के अलवर में हुए सामूहिक बलात्कार मामले के बाद सरकार ने गंभीरता दिखाते हुए नई सेल स्थापित की है। सरकार के आदेश के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम (एसआइयूसीएडब्ल्यू) का प्रकोष्ठ गठित कर कार्ययोजना सौंपी गई है।

प्रकोष्ठ में जिला स्तर पर उप अधीक्षक पुलिस प्रभारी अधिकारी होंगे। इनके अधीन महिला थाना, एसजेपीयू, सेल फॉर सीनियर सिटीजन व एएचटी प्रकोष्ठ कार्य करेंगे।

यों करेगी काम करेगी स्पेशल यूनिट

एसआइयूसीएडब्ल्यू : महिला संबंधी गंभीर अपराध यथा गैंगरेप, बलात्कार, दहेज आत्महत्या का पर्यवेक्षण। पोक्सो में गंभीरता पूर्वक अनुसंधान सहित महिला थाना पर्यवेक्षण।

एसजेपीयू : एसआइयूसीएडब्ल्यू के प्रभारी, नोडल अधिकारी होंगे। वह प्रत्येक थाने में कार्यरत बाल कल्याण अधिकारी से चर्चा करेंगे। विधि संघर्षरत, देखभाल, संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों तथा पीडि़त बच्चों के उपचार सहित अन्य पयर्वक्षेण कर संपादित करेंगे।

सेल फॉर सीनियर सिटीजन : थाना स्तर पर महिला परामर्श डेस्क/बाल कल्याण अधिकारी डेस्क में नियुक्त सहायक उप निरीक्षक को थाना स्तर पर इस सेल के नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उस अधिकारी को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा के लिए सामुदायिक पुलिसिंग गैर सरकारी संगठन व अन्य कल्याण समूह से समन्वय।

एंटी ह्मूमन ट्रेफीकिंग : उक्त सेल प्रभारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक है। जो एसआइयूसीएडब्ल्यू के पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे। मानव तस्करी रोकने व गुमशुदा व्यक्ति की तलाश कर पुनर्वास करना।

यह काम भी करेगी स्पेशल यूनिट

- महिला उत्पीडऩ (Female harassment) गंभीर मामलों का अनुंसधान प्रकोष्ठ प्रभारी करेंगे।
- एसआइयूसीएडब्ल्यू प्रकोष्ठ में कार्यरत कार्मिक कानून व्यवस्था में सहयोग

- केस ऑफिसर स्कीम में शामिल प्रकरणों की न्यायिक पैरवी
- प्रतिकर स्कीम में पीडि़त को सहायता राशि उपलब्ध करवाने में पैरवी

- छात्रा आत्मरक्षा कौशल योजना, महिला हेल्पलाइन, व्हाट्सएप व बाल डेस्क का पर्यवेक्षण

प्रकोष्ठ का गठन

पुलिस अधीक्षक ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम अगेस्ट वूमेन का गठन कर प्रकोष्ठ प्रभारी उपाधीक्षक धन्नापुरी गोस्वामी, निरीक्षक रामप्रतापसिंह, उप निरीक्षक मीनाक्षी मालवीय, हैड कांस्टेबल देवाराम, रतनकंवर, कांस्टेबल कमला व दिलीपकुमार को नियुक्ति किया। उल्लेखनीय है कि डिप्टी धन्नापुरी के कार्यग्रहण तक उक्त अतिरिक्त कार्य मानाराम गर्ग करेंगे।

महिला अपराध पर लगेगा अंकुश

महिला अपराध (Female crime) को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार के आदेश के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट फॉर क्राइम प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। इसका कार्यालय भी अलग रहेगा। महिला अत्याचार संबंधित व अन्य मामलों का उपाधीक्षक सुपरवीजन करेंगे। इससे महिला अपराध पर अंकुश लगेगा।

- शिवराज मीणा, पुलिस अधीक्षक, बाड़मेर