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3 घंटे में 350 ने तोड़े यातायात नियम, पुलिस देखती रही

Mahendra Trivedi

Publish: Aug 12, 2019 12:44 PM | Updated: Aug 12, 2019 12:44 PM

Barmer

पुलिस के जवानों की बेफिक्री भी यहां देखी जा सकती है, कई वाहन चालक तो पुलिस के सामने से गलत साइड (wrong side) से निकल रहे हैं, लेकिन चालान काटना तो दूर पुलिस सख्त हिदायत भी नहीं दे रही। दुपहिया वाहन (two wheeler) पर तीन सवारी को पुलिस की 'परमिशन, शहर में दुपहिया वाहनों पर तीन सवारी ()को पुलिस (police) की खुली छूट है। बिना हेलमेट पर पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन दुपहिया पर तीन सवारी तो उसे 'परमिशनÓ है।

बाड़मेर. शहर में यातायात कितना बेहाल है, इसकी बानगी आपको दिखाते हैं। ये है नेहरू नगर का पुल (nehru nagar bridge), जो शहर को बाहरी क्षेत्र से जोड़ता है। यहां वाहनों की आवाजाही सर्वाधिक है और यहीं यातायात के नियमों का सबसे अधिक उल्लंघन (rule break) होता है। वाहन चालक नियमों को धत्ता बताकर दुर्घटना (accident) को आमंत्रण देकर यहां से निकल रहे हैं। यातायात पुलिस की पास में गुमटी है, लेकिन जवानों का ध्यान दूसरी तरफ ज्यादा है, पुल से गलत साइड में आने-जाने वालों को अघोषित 'छूटÓ है। इससे यह एक्सीडेंट-जोन (accidnt zone) बनता जा रहा है। पत्रिका टीम ने पुल का स्कैन किया तो करीब 3 घंटे में 350 से अधिक वाहन चालकों ने नियमों को धत्ता बताया।
इस दौरान गलत साइड, मोबाइल पर बातचीत के कारण कई बार दुर्घटना के हालात बने। पुल से बाहर जाने वाले या फिर शहर की तरफ आने वाले वाहन चालक नियमों (traffic rules) की परवाह नहीं करते हैं। यातायात का यहां कोई जैसे नियम है ही नहीं। केवल कुछ दूरी अतिरिक्त तय नहीं करने के चक्कर में जान को जोखिम (risk of life) में डाल रहे हैं। पुलिस के जवानों की बेफिक्री भी यहां देखी जा सकती है, कई वाहन चालक तो पुलिस के सामने से गलत साइड से निकल रहे हैं, लेकिन चालान काटना तो दूर पुलिस सख्त हिदायत भी नहीं दे रही। दुपहिया वाहन पर तीन सवारी को पुलिस की 'परमिशनÓ शहर में दुपहिया वाहनों पर तीन सवारी को पुलिस की खुली छूट है। बिना हेलमेट पर पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन दुपहिया पर तीन सवारी तो उसे 'परमिशनÓ है। ऐसे दृश्य लगातार देखे जा सकते हैं।
खुद के साथ दूसरों की जान की जोखिम
वाहन चलाते मोबाइल पर बातचीत करना नियमों का उल्लंघन है। पुलिस यहां भी कोई कार्रवाई नहीं करती है। जबकि बात करने वाला खुद की जान के साथ दूसरों के लिए भी खतरा बनता है। कई बार तो सामने वाले से चालक टकराते भी हैं, लेकिन अनदेखी का सिलसिला चल रहा है। वाहन चालकों को कभी टोका ही नहीं गया।
पहले दी 'सुविधाÓ अब हटाई
बाड़मेर पुलिस ने पूर्व में किसान छात्रावास के सामने मुख्य सड़क पर डिवाइडर को काटकर रास्ता बनाया था। जो एक्सीडेंट जोन बनने के बाद पुलिस के नए अधिकारियों ने बंद करवाया। जबकि पूर्व के अधिकारियों ने यहां के कुछ लोगों के दबाव में हजारों की जान को जोखिम में डालते हुए कट को 'सुविधाÓ बताते हुए इसे जारी रखा था।
जहां जरूरत वहां कोई नहीं, यहां पूरी फौज
पुल के दोनों तरफ यातायात पुलिसकर्मी की सुबह से शाम तक जरूरत रहती है। लेकिन जिम्मेदारों ने पास में गुमटी तो बना दी, नाम के लिए कुछ देर के लिए कोई तैनात हो जाता है, फिर गायब ही रहता है। वहीं अहिंसा सर्कल पर कार्मिकों की पूरी फौज लगी रहती है। यहां पूरे दिन मौज का आलम है। नियंत्रण का काम पुलिस यहां पर भी करती नजर नहीं आती है। हां कोई वीआइपी या नेता आया है तो मुस्तैद जरूर हो जाती है।
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तीन जवानों की तैनाती
किसान छात्रावास के सामने यातायात गुमटी पर नियमित रूप से तीन जवान तैनात रहते हैं। पुखाराम, यातायात प्रभारी बाड़मेर
फैक्ट फाइल
350 ने इस तरह तोड़े यातायात नियम
200 गलत साइड
20 मोबाइल पर बात
40 दुपहिया पर तीन सवारी
90 बिना हेलमेट