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बॉर्डर पर सुरक्षा में बड़ी चूक, अभेद्य नहीं तारबंदी! जानिए पूरी खबर

bhawani singh

Publish: Sep 11, 2019 12:07 PM | Updated: Sep 11, 2019 12:07 PM

Barmer

- बॉर्डर अलर्ट: अधिक सर्तकता पर भी घुसा पाक नागरिक, बीएसएफ को नहीं लगी भनक

 

भवानीसिंह राठौड़राठौड़@बाड़मेर. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ की ओर से चार पाकिस्तान नागरिकों को अफगानी पासपोर्ट के जरिए भारतीय सीमा में घुसपेठ की आंशका के बाद बाड़मेर-जैसलमेर से लगती भारत-पाक सीमा पर हाई अलर्ट कर दिया था। अलर्ट के बाद सीमा पर घुसपैठ की बढ़ी आशंका के चलते अधिक सतर्कता बरती रही जा रही है। इसके बावजूद सोमवार को तारबंदी पार कर एक पाक नागरिक भारत में घुस गया और सुरक्षा एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। आशंका जताई जा रही है कि बॉर्डर पर तारबंदी व अनवरत चौकसी के बावजूद किसी के सीमा पार यहां आना सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है।

भारत-पाक बॉर्डर पर मुनाबाव अंतरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन है। यहां से करीब एक किमी दूर भारत-पाक सीमा का मुख्य द्वार है। मुनाबाव से महज एक किमी दूरी पर स्थित अकली गांव के पास तारबंदी पार कर एक 16 साल का पाक नागरिक भारत में घुस गया। बीएसएफ और एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। इतना ही नहीं पाक नागरिक तारबंदी से करीब डेढ़ किमी का सफर तय कर अकली गांव के पास एक खेत में पहुंचा तो वहां काम कर रहे ग्रामीणों ने दबोच लिया।

अब एजेंसियां कर रही है पूछताछ
पूछताछ में भागचंद पुत्र लक्ष्मण कोली निवासी धोरोनारों पाक के रूप में अपनी पहचान बताई। बीएसएफ ने पाक नागरिक को मंगलवार को गडरारोड पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में सामने आया है कि पाक नागरिक बार-बार बयान बदल रहा है। ऐसी स्थिति में अब भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पूछताछ में स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस बुधवार को भारतीय सुक्षा एजेंसियों के समक्ष पेश करेगी।

ड्राइ रन की आंशका?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि पाक का ड्राइ रन हो सकता है। दरअसल सीमा पार से किसी घुसपैठ को अंजाम देने के लिए पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ कई बार डमी भेजकर रास्ते की टोह टटोलने की संभावना जताई जा रही है। अब पकड़े जाने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है।

ये पैंतरा भी आया सामने
आशंका है कि आइएसआइ ने पाक नागरिक को भारत में भेजा है। बरसात के बाद बॉर्डर क्षेत्र में हरियाली फैली हुई है। ऐसे में युवक को हरा कपड़ा पहनाकर भारत भेज दिया। जिससे घुसपैठ के वक्त पकड़ा नहीं जाए। जब ग्रामीणों ने उसे पकड़ा तो वह बोला कि मुझे पाक फौजियों ने भेजा है।

पहले होती थी तस्करी
बॉर्डर पर कई साल पहले हथियार, हेरोइन, आरडीएक्स की तस्करी होती रही है। यहां बारिश व आंधियों के दौर में तारबंदी धोरों में धंस जाती थी। यहां खराब मौसम अथवा असामान्य हालात में वे अपने काम को अंजाम देते थे। लेकिन तारबंदी के बाद एेसे मामले शून्य हो गए थे। हालांकि दो साल पहले केलनोर के पास एक पाक नागरिक पकड़ा था। उसके बाद एेसी कोई घटना सामने नहीं आई थी।

कच्छ-बाड़मेर बॉर्डर पर पाक की नजर
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के बाद पाक की जम्मू कश्मीर की बजाय कच्छ व बाड़मेर बॉर्डर पर नजर है। सूत्रों की मानें अब अवांछनीय वारदात के लिए संभवत: कच्छ को निशाना बनाया जा रहा है।

फैक्ट फाइल
- 1040 किमी भारत-पाक बॉर्डर सीमा
- 471 किमी जैसलमेर
- 231 किमी बाड़मेर

सवाल मांग रहे जवाब
- सुरक्षा में तैनात जवानों की क्यों नहीं पड़ी नजर?
- हाई अलर्ट के बावजूद कैसे रह गई सुरक्षा में ढील?
- 24 घंटे तैनात रहने वाली कहां थी पेट्रोलिंग?

- अब संयुक्त पूछताछ होगी
तारबंदी पार कर भारत में पाक नागरिक घुस गया था। जवानों से दूर से देख लिया था, उसके बाद पीछा कर पकड़ा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त पूछताछ करेगी। बॉर्डर पर अलर्ट चल रहा है।- गुरुपालसिंह, डीआइजी, सीमा सुरक्षा बल, बाड़मेर सेक्टर