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BITIYA IN OFFICE : एक अलग ही अहसास, बेटियों ने समझा पापा का काम

Moola Ram Choudhary

Publish: Sep 17, 2019 12:02 PM | Updated: Sep 17, 2019 12:02 PM

Barmer

बेटियों के लिए आज खास दिन के साथ बिल्कुल ही नया अनुभव रहा। आज वे अपने पापा के साथ उनका काम समझने और देखने के लिए कार्यस्थल पहुंची।

बाड़मेर. बेटियों के लिए आज खास दिन के साथ बिल्कुल ही नया अनुभव रहा। आज वे अपने पापा के साथ उनका काम समझने और देखने के लिए कार्यस्थल पहुंची। बेटियों ने जाना कि पापा कितना काम करते हैं। राजस्थान पत्रिका के बिटिया इन ऑफिस के तहत सोमवार बेटियों ने पापा के कार्य को समझा।

कार्यस्थल - कृष्णा कम्प्यूटर

बेटी- तोषिला चौधरी
पिता - मोहन चौधरी

पापा के ऑफिस पहुंची तो देखा कि वहां पर कई लोग कंप्यूटर सीखने आते हैं। पापा उनको कंप्यूटरी के प्रोग्राम की जानकारी देते हैं। मैंने भी कम्प्यूटर के बारे में आज काफी कुछ सीखा है। यहां आकर अच्छा लगा।

कार्यस्थल- राजकीय अस्पताल

बेटी - रितिशा
पिता - डॉ. ओमप्रकाश डूडी

सुबह से शाम तक पापा मरीजों को देखकर उनको दवाइयां देते हैं। इससे मरीज ठीक होते हैं। आज कई मरीजों से मिली, उनसे बात की। अच्छा लगा की पापा मरीजों को स्वस्थ करते हैं।

कार्यस्थल- मिठाई की दुकान
बेटी - देवांशी व अनुष्का

पिता - ओमप्रकाश गुप्ता
आज पापा की मिठाई की शॉप पर आकर हमें अच्छा लगा। इससे यह पता चला कि पापा कितनी मेहनत करते हैं। अलग-अलग मिठाई हमने देखी। साथ ही यहां खरीददारी के लिए आने वालों से बातचीत की।

कार्यस्थल -कपड़े की दुकान

बेटी- हर्षिता बंसल

पिता- पवन बंसल

आज पापा की कपड़े की दुकान पर आकर अच्छा लगा। कपड़े कहां-कहां से आते हैं। आजकल कौनसी क्वालिटी व डिजाइन का चलन है। इसके बारे में पापा ने काफी कुछ समझाया। यहां आकर पता चला कि पापा कितना काम करते हैं।

कार्यस्थल: ऑफिस

बेटी- ख्याति बंसल
पिता- दीपक बंसल

बिजनेस में जीएसटी क्या है, किस प्रकार से व्यापारी जीएसटी भरते हैं। ये जानकारी आज पापा के साथ ऑफिस आई तो पता चला। कई लोग जीएसटी को लेकर आए भी। पापा ने उनको कई तरह की जानकारी दी। यहां आना अच्छा रहा।