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सहरिया की संस्कृति में एकजुटता का संकल्प

Ghanshyam Dadhich

Publish: Aug 09, 2019 18:20 PM | Updated: Aug 09, 2019 18:20 PM

Baran

विश्व आदिवासी दिवस पर शुक्रवार को सीताबाड़ी स्थित किराड़ धर्मशाला में सहरिया समाज किशनगंज की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक निर्मला सहरिया ने की।

केलवाड़ा. विश्व आदिवासी दिवस पर शुक्रवार को सीताबाड़ी स्थित किराड़ धर्मशाला में सहरिया समाज किशनगंज की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय विधायक निर्मला सहरिया ने की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान के अन्य जिलों से आदिवासी समाज के लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर विश्वकर्मा तिराहे से प्रमुख मार्गो से होते हुए किराड़ धर्मशाला सीताबाड़ी तक रैली निकाली। जिसमें शामिल सहरिया समाज के लोग सहरिया संस्कृति की वेशभूषा में नजर आए तो मुन्ना लाल सहरिया के नेतृत्व में सहरिया स्वांग एवं आदिवासी वेषभूषा की झांकी शामिल थी। समाज के लोग डीजे पर राजस्थानी गीतों पर थिरकते नजर आए। रैली के दौरान लोग एक ही तीर एक ही कमान सहरिया समाज एक समान जैसे नारे लगाते चल रहे थे। कार्यक्रम के अतिथि राष्ट्रीय संयोजक गोडवाना समग्र शांति आंदोलन गुलजार सिंह, विधायक निर्मला सहरिया, मनफूल सिंह सिमरिया, जगदीश चंद्र सहरिया, आरती चौहान, भारत सिंह चौहान, सतीश कुमार सांवरे, नारायण सिंह कुशवाहा, गोवर्धन सिंह, शंकर लाल सहरिया थे।
समाज में बढ़ रही बेरोजगारी
रैली के बाद हुई आमसभा में राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष फूल सिंह सेमरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में हम सहरिया संस्कृति को विश्व पटल पर लाने का प्रयास कर रहे है। उसके लिए विभिन्न संगठन मिलकर कार्य कर रहे है। पहले सहरिया समाज के लोग जंगल से जड़ी बूटी लाकर अपनी आजीविका चलाते थे। आज क्षेत्र के जंगलों के विनाश के चलते सहरिया समाज में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। कई वर्षों से आदिवासी लोग संघर्ष कर रहे थे की आदिवासी समुदाय को एक विशिष्ट पहचान मिलनी चाहिए। आज भी चित्र में सहरिया संस्कृति एक अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। समाज में शिक्षा का विस्तार बढ़ रहा है, जिससें सहरिया समाज के युवक युवतियां आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ सरकार ने विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश रखा है, लेकिन राजस्थान सरकार ने ऐच्छिक अवकाश रखा है। कई कर्मचारी संस्थान में अवकाश नहीं होने के कारण इस समारोह में भाग नहीं ले सके।
दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
किराड़ धर्मशाला में स्थानीय समाज के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सहरिया स्वांग नृत्य किया। समारोह में सहरिया समाज एवं कर्मचारी विकास समिति सीताबाड़ी मां बाड़ी शिक्षा सहयोगी संघ, छात्र संगठन केलवाड़ा बारां द्वारा आदिवासी अंचल में समाज की प्रतिभाओं ने समाज का नाम ऊंचा किया है उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जगदीश सहरिया ने की। समारोह के अंत में पौधा वितरण कार्यक्रम हुआ। जिसमें अधिक से अधिक पौधारोपण का संकल्प दिलाया।
सामाजिक कुरीतियां त्यागने का किया आह्वान
शाहाबाद. विश्व आदिवासी दिवस पर शुक्रवार को शाहाबाद कस्बे में भील समाज द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शाहाबाद के अलावा देवरी, कस्बाथाना सहित आसपास के पटेलिया भील भिलाला आदि ने भाग लिया। सुबह कस्बे के पुराने बस स्टैंड से मुख्य बाजार होते हुए नगरकोट माता मंदिर तक रैली निकाली गई। रैली में शामिल लोग पारंपरिक परिधानों तथा समुदाय विशेष के पारंपरिक अस्त्र शस्त्र धनुष, बाण, तीर, कमान गोफन लिए हुए थे। रैली के माध्यम से भील समाज ने आदिवासी भील एकता का परिचय प्रस्तुत किया। इसके बाद नगरकोट माता मंदिर पर हुई सभा में वक्ताओं ने समाज के उत्थान और अन्य विषयों पर चर्चा कर समाज के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए सामाजिक कुरीतियों को त्यागने का आह्वान किया। इसके अलावा सरकार द्वारा समाज के लिए किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा करते हुए और क्या कार्य होने चाहिए इन पर समाज के लोगों की राय जानी।