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खाल की रपट क्या टूटी हर पल सिर पर मंडराता है खतरा

Shiv Bhan Singh

Publish: Sep 10, 2019 15:30 PM | Updated: Sep 10, 2019 15:30 PM

Baran

बारां. ग्राम पंचायत बराना के गोरधनपुरा गांव के बीच रास्ते में खाळ की रपट क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे राहगीरों को दुर्घटना का भय बना रहता है। अधिक बारिश आने पर पानी इस रपट के ऊपर से बहता है। इससे आवागमन पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो जाता है। गांव के रामकरण मालव, मूलचंद नागर, श्रीराम मालव, रामप्रसाद मालव, ललित नागर, हेमराज मालव, सत्यनारायण मेघवाल, नंदकिशोर नागर ने बताया कि तेज बारिश होने पर गांव का आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। गांव के अंदर प्रवेश करने का अन्य कोई दूसरा पक्का मार्ग नहीं है। कच्चे मा

खाल की रपट क्या टूटी हर पल सिर पर मंडराता है खतरा

बारां. ग्राम पंचायत बराना के गोरधनपुरा गांव के बीच रास्ते में खाळ की रपट क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे राहगीरों को दुर्घटना का भय बना रहता है। अधिक बारिश आने पर पानी इस रपट के ऊपर से बहता है। इससे आवागमन पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो जाता है। गांव के रामकरण मालव, मूलचंद नागर, श्रीराम मालव, रामप्रसाद मालव, ललित नागर, हेमराज मालव, सत्यनारायण मेघवाल, नंदकिशोर नागर ने बताया कि तेज बारिश होने पर गांव का आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। गांव के अंदर प्रवेश करने का अन्य कोई दूसरा पक्का मार्ग नहीं है। कच्चे मार्ग पर कोई भी साधन आ-जा नहीं सकते हंै। ग्रामीणों ने इस समस्या से परेशान होकर कई बार लिखित रूप से भी प्रशासन को अवगत करवाया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इस मामले में पुन: प्रशासन को लिखित रूप से ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ अवगत करवाया जाएगा ।
बारिश में आधी सडक़ बह चुकी है। दोनों और बहुत बड़ा व गहरा गड्डा हो चुका है। आए दिन यहां पर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। खाळ के तेज बहाव में एक ग्रामीण पप्पूलाल खमोरिया बह गया था। उसे बड़ी मशक्कत के बाद गाँव के लोगों ने अपनी जान पर खेल कर उसे बचाया था ।
गांव के निवासी बद्रीप्रसाद मेघवाल ने बताया कि हर बारिश के मौसम में यह मार्ग क्षतिग्रस्त होता है। इसका आज तक स्थाई समाधान नहीं हुआ है। वापस उन्ही गड्डों को ग्रेवल के माध्यम से भर दिया जाता है । स्वतंत्रता दिवस रक्षाबन्धन के दिन सभी जगह काफ ी बारिश हुई थी। तब भी रातभर मार्ग अवरुद्ध रहा था। भाइयों को राखी बांधने बहिनों को भी बिना रक्षासूत्र बांधे अपने घरों में लौटना पड़ा था।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से इस मार्ग पर पहले से बनी हुई रपट वाली पुलिया की जगह ऊंची पुलिया बनवाई जाने की मांग की है। ताकि बारिश के मौसम में कोई बड़ा हादसा व जनहानि होने से बचा जा सके।