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Video --- पुलिया के ऊपर से करीब डेढ़ फीट का तेज बहाव, 3 गांव बने टापू, आधा दर्जन बच्चे व अन्य है बीमार एसडीआरएफ की टीम रवाना

Shiv Bhan Singh

Publish: Aug 09, 2019 17:01 PM | Updated: Aug 09, 2019 17:01 PM

Baran

3 गांव बने टापू, पुलिया के ऊपर से करीब डेढ़ फीट का तेज बहाव, करीब आधा दर्जन बच्चे व अन्य है बीमारबारां. तहसील क्षेत्र के 3 गांव बने टापू , नारेड़ा ग्राम पंचायत के हनोतिया ,गूगलहेड़ी व सींगी का टापरा गांव 3 दिन से बने हुए हैं टापू। गांवो के एक और पार्वती नदी व दूसरी ओर पारवा नदीयो मे बरसात का अधिक पानी आने से गांव बन गए हैं टापू। एसडीआरएफ की टीम रवाना

बारां. तहसील क्षेत्र के 3 गांव बने टापू , नारेड़ा ग्राम पंचायत के हनोतिया ,गूगलहेड़ी व सींगी का टापरा गांव 3 दिन से बने हुए हैं टापू। गांवो के एक और पार्वती नदी व दूसरी ओर पारवा नदीयो मे बरसात का अधिक पानी आने से गांव बन गए हैं टापू। इन नदियों में मध्य प्रदेश क्षेत्र का आता है अधिक पानी।
गांव में करीब आधा दर्जन बच्चे व अन्य है बीमार।
एक बच्चा अधिक बीमार होने की सूचना मिलने पर एडीएम सुदर्शन सिंह तोमर ने सिविल डिफेंस को सूचना दी वही एसपी को सूचना देकर एसडीआरएफ की टीम को भी रवाना करवाया मौके पर।
गांव के लोग पारवा नदी के किनारे खड़े हुए थे। वही गांव में पारवा नदी पर बनाई गई पुलिया के ऊपर से करीब डेढ़ फीट का तेज बहाव चल रहा था ऐसे में नदी को पार करना संभव नहीं था।
पहले पहुंचे सिविल डिफेंस के प्रभारी वैभव सिंह ने जवानों के साथ दूसरी ओर जाने के लिए रस्सा खोलकर तैयारी शुरू कर दी। उसी दौरान एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम भी पहुंच गई। जिन्होंने वोट की मदद से दूसरी और पहुंचकर बीमार बच्चे समेत पांच अन्य जनों को रेस्क्यू कर इस और पहुंचाया।
बीमार बच्चे के पिता सौरभ बेरवा ने इस ओर पहुंचने पर बताया कि बच्चा काफी बीमार होने के कारण बारां सूचना दी गई थी। यहां गांव में अन्य बच्चे भी बीमार बताएं गए। वही हनोतिया गांव के ही रामभरोस बेरवा हरिशंकर बेरवा ने बताया कि वैसे तो करीब 15 दिनों से परेशानी भुगत रहे हैं। बीच में जब थोड़ी देर के लिए पानी कम होता है तो निकल जाते हैं। वही फिर वापस आने में परेशानी होती है। इन गांव क्षेत्र में खेती-बाड़ी करने वाले अन्य गांवों के व जालेड़ा के लोग भी वहां तक पहुंचने में परेशान हो रहे हैं। वह भी खेती-बाड़ी नहीं संभाल नही कर पा रहे हैं।
गांव में बीमार बच्चों व अन्य लोगों का इलाज यहां पर एक आरएमपी चिकित्सक से गोली दवाई लेते हैं। वही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी छोटी मोटी बीमारी की गोली दवाई दे देती है। लेकिन अधिक बीमार होने पर परेशानी खड़ी हो जाती है।