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शिया समाज ने रोजे आशूरा का जुलूस निकाला, बेहद गम और दर्द के साथ सादगी से मनाया शहादत का पर्व

Shiv Bhan Singh

Publish: Sep 10, 2019 17:06 PM | Updated: Sep 10, 2019 17:06 PM

Baran

शिया समाज ने रोजे आशूरा का जुलूस निकाला, बेहद गम और दर्द के साथ सादगी से मनाया शहादत का पर्व
छबड़ा. पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करने का दिन मुस्लिम समाज ने मंगलवार को मोहर्रम के अंतिम दिन शिया समाज ने बेहद गम और दर्द के साथ सादगी से मनाया । शहादत का पर्व के मौके पर दिनभर घरों में मस्जिदों में इमाम हुसैन की याद में विशेष इबादत की गई ।

शिया समाज ने रोजे आशूरा का जुलूस निकाला, बेहद गम और दर्द के साथ सादगी से मनाया शहादत का पर्व
छबड़ा. पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करने का दिन मुस्लिम समाज ने मंगलवार को मोहर्रम के अंतिम दिन शिया समाज ने बेहद गम और दर्द के साथ सादगी से मनाया । शहादत का पर्व के मौके पर दिनभर घरों में मस्जिदों में इमाम हुसैन की याद में विशेष इबादत की गई । मोहर्रम के महीने को मुस्लिम समाज के लोग शोक के रूप में मनाते हैं और अपनी हर खुशी का त्याग करते हैं । कस्बे में कई जगह मुस्लिम युवाओं की ओर से शरबत की छबीले लगाई गई । खैरात बांटी गइर्। शिया समुदाय की ओर से मातम के साथ रोजे आशूरा का जुलूस शिया बस्ती में स्थित इमामबाड़े से शुरू हुआ जो कि मुख्य मार्ग व अहिंसा सर्किल होता हुआ इमामबाड़े में संपन्न हुआ। इसमें बड़ी संख्या में समाज के महिला पुरुष व बच्चे काले वस्त्र पहने हुए थे। मातम मनाते हुए इमाम हुसैन की याद में गगनभेदी नारे लगाते हुए साथ ही तिरंगा हाथ में लेकर हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।