स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

केन्द्र परिवर्तित योजना के तहत खुलेगा बारां में मेडिकल कॉलेज

Hansraj Sharma

Publish: Aug 11, 2019 21:12 PM | Updated: Aug 11, 2019 21:12 PM

Baran

जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए रविवार को दो सदस्यीय टीम ने यहां मेलखेड़ी रोड पर जमीन देखी। टीम सदस्यों के साथ सीएमएचओ समेत कई अधिकारी साथ रहे।

-मेलखेड़ी रोड पर देखी जमीन
-निर्माण में 60 फीसदी राशि केन्द्र सरकार तो 40 फीसदी राशि राज्य सरकार देगी
बारां. जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए रविवार को दो सदस्यीय टीम ने यहां मेलखेड़ी रोड पर जमीन देखी। टीम सदस्यों के साथ सीएमएचओ समेत कई अधिकारी साथ रहे। बाद में इस टीम ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर उपचार व्यवस्था तथा संसाधनों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। शाम को जिला कलक्टर से यहां प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के बारे में चर्चा की। यह टीम सोमवार को राज्य सरकार को अपनी रिर्पोट सौंपेगी, जिसे बाद में केन्द्र सरकार को भिजवाया जाएगा। टीम में शामिल निदेशालय चिकित्सा शिक्षा की उप निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता व आरएसआरडीसी झालावाड़ के प्रोजेक्ट अधिकारी जेपी गुप्ता शामिल थे। उल्लेखनीय है कि गत २९ जुलाई को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बारां समेत प्रदेश के छह जिला मुख्यालयों पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा की थी।
टीम प्रमुख डॉ. रश्मि गुप्ता व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सम्पतराज नागर ने ‘पत्रिका’ को चर्चा दौरान बताया कि बारां जिला मुख्यालय पर मेलखेड़ी रोड पर ग्राम नलका के निकट चरागाह भूमि उपलब्ध है। इसकी उत्तरी ओर कुल 18.77 एकड़ भूमि है, इस जमीन के मध्य से नाला गुजर रहा है, जो कि बारां के डायवर्जन चैनल का हिस्सा है। इस नाले के निर्माण व जमीन में पानी के भराव के बारे में सार्वजनिक निर्माण विभाग से रिपोर्ट ली जाएगी। इस भूमि के जबकि ठीक सामने दक्षिण की ओर 12.50 एकड़ जमीन है। ऐसे में यहां कुल 31.27 एकड़ जमीन की उपलब्धता है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 20 एकड़ जमीन की ही आवश्यकता है। यह जगह जिला चिकित्सालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर है। टीम सदस्यों ने उक्त भूमि को मेडिकल कॉलेज के लिए उपयुक्त माना है। इसके अलावा मेलखेड़ी छापर पर भी 50 एकड़ जमीन उपलब्ध है। यह जिला चिकित्सालय से 7 किलोमीटर दूर होने तथा सडक़ से काफी निचाई में है। ऐसे में इस भूमि को वरीयता नहीं दी जा सकती।
केन्द्रीय परिवर्तित योजना के तहत निर्माण
डॉ. गुप्ता ने बताया कि बारां समेत प्रदेश के सभी छह जिलों में मेडिकल कॉलेज का निर्माण केन्द्रीय परिवर्तित योजना के तहत योजना के तहत होगा। इसमें ६० प्र्रतिशत राशि केन्द्र सरकार व ४० प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे में इसका संचालन पीपीपी मोड पर नहीं, सरकार की ओर से ही किया जाएगा। राज्य सरकार आगामी १५ दिनों में सभी छह मेडिकल कॉलेज के निर्माण के प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेज देगी।
हाड़ौती के चारों जिलों में मेडिकल कॉलेज
वर्तमान में हाड़ौती में कोटा संभाग मुख्यालय के अलावा झालावाड़ जिला मुख्यालय पर ही मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, लेकिन अब बारां व बूंदी में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। ऐसे में कोटा संभाग में शामिल चारों जिलों मेडिल कॉलेज खुल जाएंगे। इसका लाभ पूरे संभाग के लोगों को मिलेगा।
650 बेड का होगा जिला चिकित्सालय
वर्तमान में जिला चिकित्सालय ३०० बेड का है। बारां में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद यह 650 बेड का हो जाएगा। इसे लेकर भी टीम ने जिला चिकित्सालय पहुंच वहां की व्यवस्थाओं, भवन व संसाधनों की जानकारी ली। डॉ. गुप्ता ने बताया कि यहां मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद जिला चिकित्सालय भी इसके अधीन हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ आचार्यों व सहआचार्यों की नियुक्ति होने ये यहां रोगियों को सभी रोगों का उपचार मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. नागर के अलावा डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राजेन्द्र मीणा व प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिहारीलाल मीणा समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे।