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यूपी पुलिस के लिए योगी सरकार की बहुत बड़ी सौगात, पहली बार लिया ऐसा ऐतिहासिक फैसला, सारी टेंशन कर दी खत्म

Nitin Srivastva

Publish: Aug 07, 2019 14:52 PM | Updated: Aug 07, 2019 14:52 PM

Barabanki

- यूपी पुलिस को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) का ऐतिहासिक फैसला

- 20 अगस्त से यूपी पुलिसकर्मियों (UP Police) को हफ्ते में एक दिन का मिलेगा अवकाश

- बाराबंकी (Barabanki) में बतौर पायलट प्रोजेक्ट लागू होगा सिस्टम, तैयार किया गया खाका

- बाराबंकी (Barabanki) और कानपुर नगर (Kanpur Nagar) में बतौर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू होगी व्यवस्था

बाराबंकी . क्षेत्र की जनता की सुरक्षा में लगे पुलिस जवानों (UP Police) को हफ्ते के सातों दिन 24 घंटे अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहना पड़ता है। उन्हें एक दिन की भी छुट्टी नहीं मिलती है। जबकि बाकी विभागों के कर्मचारियों को सप्ताह में एक या दो दिन की छुट्टी मिलती है। लगातार काम की अधिकता के चलते पुलिसकर्मियों में मानसिक तनाव और उनकी शारीरिक दक्षता में गिरावट आती है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने अब पुलिस को हफ्ते में एक दिन का अवकाश देने का खाका तैयार किया है। इस योजना को सबसे पहले बाराबंकी (Barabanki) और कानपुर नगर (Kanpur Nagar) में बतौर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाना है।


हफ्ते में एक दिन मिलेगी छुट्टी

दरअसल, उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार (Akhilesh Yadav Government) में दस दिन काम के बाद 11वें दिन अवकाश की व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन योजना पुलिस विभाग में परवान नहीं चढ़ सकी। इसलिये एक बार फिर पुलिस को मानसिक और शारीरिक राहत के लिए योगी सरकार (CM Yogi Adityanath h Government) ने नई योजना तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक थाने पर तैनात पुलिस बल के एक बटे सातवें हिस्से के पुलिस बल को हफ्ते में एक दिन अवकाश मिलेगा। हालांकि अवकाश के दिन संबंधित पुलिसकर्मी को अपने कार्यक्षेत्र में ही रहना होगा और वह जिला भी नहीं छोड़ सकेगा। वह केवल सरकारी काम से अलग रहेगा, लेकिन आपात अवस्था में उसे डयूटी के लिए बुलाया भी जा सकता है। बाकी वह पुलिसकर्मी (UP Police) अपने अवकाश के दिन क्या करता है, वह इसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र होगा।

 

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अधिकारियों पर नहीं होगा लागू

आपको बता दें कि साप्ताहिक अवकाश पुलिस विभाग के राजपत्रित अधिकारियों (Gazetted Officers) पर लागू नहीं होगा। इसका फायदा केवल निरीक्षक (Inspector), उपनिरीक्षक (Sub Inspector) से लेकर कांस्टेबल (Constable) को ही दिया जाएगा। क्योंकि क्षेत्र में सबसे ज्यादा भ्रमणशील इसी वर्ग के पुलिसकर्मी रहते हैं, इसीलिए इन पर यह योजना लागू होगी।


तैयार हो रहा रोस्टर

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर (IPS Akash Tomar) ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (Additional SP) (उत्तरी) आरएस गौतम (RS Gautam) को रोस्टर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। बीस अगस्त को इस योजना को बतौर पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के मात्र दो जिलों बाराबंकी और कानपुर नगर में शुरू किया जाना है। पहले प्रयोग में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के बाद योजना को और अपडेट किया जाएगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दूसरे जिलों में भी इस योजना को लागू किया जाएगा।

 

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ऑनलाइन बनेगा रोस्टर

एसपी आकाश तोमर (SP Akash Tomar) ने बताया कि पुलिसकर्मियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश देने के बाद पुलिसिंग या दूसरे काम प्रभावित न हों, इसके लिए सभी पुलिसकर्मियों का रोस्टर तैयार किया जा रहा है। सभी निरीक्षक (Inspector), उपनिरीक्षक (Sub Inspector), सिपाहियों (Constable) का नाम और उनका पीएनओ नंबर दर्ज किया जा रहा है। यह रोस्टर हृयूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (एचआरएमएस) के तहत ऑनलाइन तैयार किया जा रहा है।


अर्से पुरानी है मांग

दरअसल पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश (Weekly Off) दिये जाने की मांग अर्से पुरानी है। इसको देखते हुए पूर्ववर्ती सपा सरकार (Samajwadi Party Government) में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की सरकार ने काम के अत्यधिक दबाव से गुजर रहे पुलिसकर्मियों को 10 दिनों की ड्यूटी के बाद एक दिन की छुट्टी देने का फैसला किया था। इसके साथ ही उसी समय लखनऊ में कुछ थानों में पुलिस वालों को साप्ताहिक अवकाश (UP Police Weekly Off) देने का प्रयोग किया गया था। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते यह सारे प्रयोग असफल हुए थे।

 

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