स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जिला प्रशासन के दावों की खुली पोल, 14 गौवंशों की दर्दनाक मौत, नोच रहे कुत्ते, प्रशासन बना धृतराष्ट्र

Ruchi Sharma

Publish: Jan 23, 2020 13:03 PM | Updated: Jan 23, 2020 16:13 PM

Barabanki

जिला प्रशासन के दावों की खुली पोल, 14 गौवंशों की दर्दनाक मौत, नोच रहे कुत्ते, प्रशासन बना धृतराष्ट्र

बाराबंकी. जिले के एक गौआश्रय स्थल पर 14 गौवंशों की दर्दनाक मौत हो गयी। आंख पर पट्टी बांधे हुए प्रशासन इसकी जानकारी ही न होने की बात कर रहा है। जबकि कुछ समय पहले भी इसी स्थल पर 20 से 25 गौवंशों को मौत के बाद जेसीबी से यहीं जमीन में दफन करने की खबर सामने आई थी।

गौवंशों के लिए श्मशान बने गौआश्रय स्थल की यह भयानक तस्वीरें बाराबंकी जनपद के फतेहपुर विकासखंड के घेरी गांव की है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि खान पान के नाम पर गौवंशों को देने के लिए यहां सूखे भूसे के अलावा कुछ भी नहीं है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व यहां 20 से 25 गौवंशों की मृत्यु हुई थी। जिन्हें जेसीबी की मदद से यहीं की जमीन में दफन कर दिया गया था और अब फिर यहां 14 गौवंशों की मौत हो गयी है। कुछ गौवंश ऐसे भी है जो मरने की कगार पर हैं। यहां के कर्मचारी इस अव्यवस्था से इतने दुखी हैं कि गौवंशों की दुर्दशा उनसे देखी नहीं जा रही है और वह काम छोड़ने की बात कर रहे हैं।

गौआश्रय स्थल की इस दुर्दशा पर सहायक खंड विकास अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि गौवंशों की ताजा मौत का मामला उनके संज्ञान में है ही नहीं। जब उनसे पूछा गया कि कुछ दिन पूर्व 20 से 25 गौवंशों की मौत होने पर जेसीबी के माध्यम से उन्हें यहीं दफन किया गया था, तो उन्होंने बताया कि जब बरसात हुई थी तब चार से पांच जानवरों की मौत की सूचना आयी थी, तो उनका पीएम करवा कर कार्रवाई की गई थी। लेकिन अभी 14 गौवंशों की मौत उनकी जानकारी में नही है। इसके लिए संबंधित सेक्रेटरी और ग्राम प्रधान से जवाब तलब किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी कि आखिर उन्होंने विकासखंड कार्यालय और डॉक्टरों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी।

[MORE_ADVERTISE1]
[MORE_ADVERTISE2]