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केवल 2200 रुपए करिये खर्च, तो सिर्फ बछिया ही पैदा करेगी आपकी गाय, हुआ बड़ा कमाल

Nitin Srivastva

Publish: Sep 20, 2019 10:51 AM | Updated: Sep 20, 2019 10:51 AM

Barabanki

गाय से पैदा होने लगी सिर्फ बछिया, अब बहेंगी दूध की नदियां...

बाराबंकी. सरकार की पहल से बछिया जन्माने की नई तकनीक कारगर साबित हो रही है। गायों में सेक्स एड सीमेन का प्रयोग सफल रहा है। इस प्रयोग के बाद सौ में से 98 गायों ने सिर्फ बछिया को ही जन्म दिया है। बाराबंकि जिले में अब तक कुल डेढ़ हजार बछियों का जन्म कराया जा चुका है। इन बछियों के जन्म लेने के बाद अब वह दिन दूर नहीं जब दूध की नदियां बहेंगी। हालांकि इस प्रयोग में 30 बछड़ों ने भी जन्म लिया है।


नस्ल सुधार के लिये प्रयोग

दरअसल प्रदेश सरकार ने गायों के नस्ल सुधार के लिए 2017 में बाराबंकी, इटावा और लखीमपुर में इसे लागू किया था। सरकार ने यह सीमेन डेनमार्क और स्विट्जरलैंड से 2200 रुपये प्रति गाय (प्रति ड्रॉप) खरीदा था। इसमें सबसे खास बात यह थी कि इस सीमेन से 90 प्रतिशत बछिया ही जन्म लेंगी और वह 15 से 20 लीटर रोजाना दूध देंगी। इससे श्वेत क्रांति को बल मिलेगा। बाराबंकी जिले में 3017 ड्रॉप आई थी, जिसमें से लगभग 1600 गायों में सीमेन डाला गया और डेढ़ हजार बछियों ने जन्म लिया है।


यहां जन्मीं बछिया

राजकीय पशु चिकित्सालय हैदरगढ़ में भी सेक्स एड सीमेन के माध्यम से 50 गायों को गर्भधारण कराया गया। इसमें एक के यहां तीन, जबकि बाकी छह लोगों के यहां एक-एक बछिया ने जन्म लिया। हालांकि अभी 11 गायें गर्भित हैं।


ये हैं आंकड़े

जिले में कुल पशु- सात लाख 61 हजार

दुधारू पशु- साढ़े तीन लाख

सेक्स एड सीमेन का स्टॉक- 3017 ड्रॉप

गर्भधारण वाली गायें- 1600

बछिया देने वाली गायें- 1500

बछड़े देने वाली गायें- 32


प्रयोग रहा सफल

हैदरगढ़ के राजकीय पशु चिकित्सालय के पशुचिकित्साधिकारी डॉ. राकेश शुक्ला ने बताया कि गायों में सेक्स एड सीमेन का प्रयोग सफल रहा है। इस तकनीक से जन्मीं एफएच प्रजाति की गायों में 20 लीटर से अधिक दूध देने की क्षमता होती है। इस प्रयोग में नर गोवंश के पैदा होने की गुंजाइश काफी कम होती है।

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