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गेमन पुल से गुजरों तो जरा संभलकर... सावधानी हटते ही जा सकती है 'जान'

Varun Kumar Bhatt

Publish: Sep 20, 2019 16:45 PM | Updated: Sep 20, 2019 16:45 PM

Banswara

- Geman pul banswara, geman bridge banswara

- संभल कर चलें, जरा सी चूक तो ‘मौत’ हाजिर
- प्रशासन की अनदेखी पड़ सकती है कभी भी भारी
- महाराणा प्रताप सेतु व एक अन्य पुल की रैलिंग क्षतिग्रस्त

बांसवाड़ा. दक्षिणी राजस्थान और पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश के बाद उदयपुर संभाग का सबसे बड़ा माही बांध लबालब है और इसका बैकवाटर जिला मुख्यालय से दस किमी दूर पाड़ला से ही दिखाई पडऩे लगा है। इसी मार्ग पर महाराणा प्रताप सेतु (गेमन पुल) के सभी पिलर पानी में डूबे हैं। ऐसे में इस मार्ग पर संभल कर वाहन चलाने की आवश्यकता है। दरअसल बांसवाड़ा-रतलाम मार्ग पर दो ही बड़े पुल हैं। एक महाराणा प्रताप सेतु और एक इससे पहले छोटा पुल है।

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दोनों पुलों के दोनों छोर पर ‘माही का समन्दर’ फैला है, लेकिन इन पुलों की रैलिंग्स कुछ स्थानों से क्षतिग्रस्त है, जिसकी मरम्मत को लेकर आरएसआरडीसी के अधिकारी जहमत नहीं उठा रहे हैं। महाराणा प्रताप सेतु की मजबूती के लिए करीब डेढ़ वर्ष पहले इस पर मास्टिक किया गया था, लेकिन इसकी रैलिंग्स की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। न ही किसी प्रकार की सावधानी रखने को लेकर संकेतक लगाया है। बांसवाड़ा को मध्यप्रदेश से जोडऩे वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग है और दिन व रात्रि में बड़ी संख्या में यहां वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में विशेष रूप से छोटे वाले पुल पर तो जरा सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।

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बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग
इधर, इन दिनों बड़ी संख्या में लोग भी गेमन पुल पर माही के बैकवाटर का नजारा देखने पहुंच रहे हैं। मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को छोड़ते हुए लोग रैलिंग्स के समीप ही खड़े रहते हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त रैलिंग्स के कारण हादसा होने की आशंका बनी हुई है। इस संबंध में आरएसआरडीसी के अधिकारियों से काफी प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो पाया।