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बीच सडक़ पलटा अनियंत्रित टैम्पो, मच गई चीख-पुकार, 6 महीने की बच्ची से लेकर 50 साल तक की उम्र के 13 लोग घायल

Varun Kumar Bhatt

Publish: Aug 13, 2019 13:27 PM | Updated: Aug 13, 2019 13:27 PM

Banswara

Road Accident In Banswara : यातायात नियमों का मखौल बना, बड़ा हादसा टला

बांसवाड़ा. परिवहन विभाग व पुलिस की अनदेखी के चलते जिले में यातायात निमयों का खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। सवारियों से भरे ओवर लोड टैम्पो प्रमुख सडक़ों पर सरपट दौड़ रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। हालत ये है कि सोमवार को एक टैम्पो चालक की गंभीर लापरवाही के चलते टैम्पो पलट गया और उसमें सवार 13 जने गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें छह माह के एक बच्चे से लेकर 50 साल तक के लोग शामिल हैं। गनीमत रही किसी सवारी को गंभीर चोट नहीं लगी। इससे बड़ा हादसा तो टल गया, लेकिन इस हादसे ने नियमों की प्रभावी पालना की पोल खोलकर रख दी।

यह था घटनाक्रम
ग्रामीणों के अनुसार सरवनी के कुछ लोग छोटी सरवन गांव में मेहमान आए थे। वहां कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद सभी लोग टैम्पों में सवार होकर अपने गांव सरवनी की तरफ निकले। टैम्पो में एक ही गांव एवं परिवार के चालक सहित 13 जने सवार थे। छोटी सरवन से टैम्पो जैसे ही आगे बड़ा टैम्पो अचानक अनियंत्रित हो गया, जिसको चालक संभाल नहीं पाया और टैम्पो पलट गया। इससे टैम्पो में सवार परिवार के सदस्यों की चीख पुकार मच गई। इसे सुनकर मौके पर ग्रामीण दौडकऱ आए और उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों को टैम्पो से बाहर निकाला और महात्मा गांधी चिकित्सालय भिजवाया। इस हादसे में टैम्पो चालक सहित परिवार के 12 सदस्य घायल हो गए।

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ये हुए घायल
चिकित्सालय चौकी पुलिस के अनुसार हादसे में कला (17) पुत्र कानजी मईड़ा, छोटू (5) पुत्र बदिया मईड़ा, बुलबुली (14) पुत्री केसरी मईड़ा, सुशीला (16) मईड़ा , कृपा (50 ) पत्नी सूर्या मईड़ा, पनका (18) पुत्र शांतिलाल मईड़ा, सात वर्षीय रीना पुत्री तोलाराम मईड़ा, संजू (15) पुत्र केसुराम मईड़ा, छह वर्षीय संतोष पुत्र केसुराम, इंदिरा (26) पत्नी पंकज डोडियार, एक साल का अनमोल पुत्र पंकज तथा छह माह की शिवानी पुत्री पंकज घायल हो गए।

जिला मुख्यालय से लेकर देहात में यही स्थिति
टैम्पो में क्षमता से अधिक सवारियों को भरकर ले जाने के नजारे जिला मुख्यालय से लेकर देहात में आम हैं। शहर के नया एवं पुराना बस स्टेण्ड से लेकर दाहोद नाका, प्रताप सर्किल, अम्बेडकर सर्किल से हर दिन बड़ी संख्या में क्षमता से अधिक सवारियों से लदे टैम्पो गुजरते हैं। इसके बाद भी यहां पुलिस एवं यातायात पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि देहात में स्थिति और भी विकट है।