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समर्थन मूल्य पर खरीद से पहले ई-मित्र केंद्र और किसानों को नसीहत, ओटीपी की बजाया बायोमैट्रिक पंजीयन ही होगा मान्य

Varun Kumar Bhatt

Publish: Oct 22, 2019 15:47 PM | Updated: Oct 22, 2019 15:47 PM

Banswara

समर्थन मूल्य खरीदी के लिए पंजीकरण शुरू, आठ जिलों के कलक्टरों को भेजे पत्र

बांसवाड़ा. समर्थन मूल्य पर खरीफ के मूंग, उड़द और मूंगफली की खरीदी के लिए पंजीकरण शुरू होने के साथ ही पंजीयन में गड़बड़ी का संदेह उपजा है। इसकी तह तकजाने के लिए सरकार ने कवायद भी शुरू कर दी है। यदि कोई ई-मित्र संचालक बयोमेट्रिक सत्यापन की बजाय ओटीपी के माध्यम से किसान का पंजीयन समर्थन मूल्य की खरीदी के लिए करता है तो यह विभाग के निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में माना जाएगा और गड़बड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित किसान व ई-मित्र संचालक को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। हाल फिलहाल प्रदेश के आठ जिलों में ओटीपी से पंजीयन के मामले समाने आने के बाद सरकार की ओर से सजगता बतरने को कहा गया है।

किसान और ई- मित्र केंद्र दोनों पर हो सकती है कार्रवाई : - गंगवार ने जिला कलक्टर को यह भी निर्देश दिए कि जिन ई-मित्रों द्वारा नियम विरुद्ध पंजीयन किया गया है उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाई अमल में लायी जाए। साथ ही यदि किसानों की भी इसमें संलिप्ता पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि समर्थन मूल्य खरीद में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा वास्तविक किसानों से खरीद हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। जांच रिपोर्ट के बाद यह सुनिश्चित हो सकेगा कि ओ.टी.पी. से हुए पंजीयन में किसान अपने अगूंठे के आधार पर पंजीयन करवाने में सक्षम थे अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि जांच में सही पाये गये किसानों को ही तुलाई की दिनांक आवंटित की जायेगी एवं जो पंजीयन सही नहीं होंगे उन्हें निरस्त किया जाएगा।

ऐसे सामने आया मामला : - दरअसल, प्रमुख शासन सचिव सहकारिता नरेश पाल गंगवार ने जांच में पाया कि 8 जिलों बारां, चूरू, जैसलमेर, नागौर, जोधपुर, उदयपुर, दौसा एवं श्रीगंगानगर के 118 ई-मित्र केन्द्रों द्वारा आधार आधारित बायोमैट्रिक सत्यापन के स्थान पर ओटीपी के आधार पर पंजीयन किए गए, जिससे पंजीयन की सत्यतता पर संदेह उत्पन्न हुआ है। इस प्रकार से पंजीयन होना ई-मित्रों को दिये गये निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में है। इस पर कार्रवाई करते हुए गंगवार ने आठों जिला कलक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिये कि ओटीपी के आधार पर हुए पंजीयनों की एसडीएम व तहसीलदार स्तर के अधिकारी से खरीद शुरू होने से पूर्व जांच करवाकर राजफैड मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाए, जिसके बाद ही उक्त मामलों में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गौरतलब है कि प्रदेश में मूंग, उड़द व सोयाबीन की 1 नवम्बर तथा मूंगफली की 7 नवम्बर से खरीद प्रस्तावित है।