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स्कूलों की हालात सुधारने के लिए 50 करोड़ की जरूरत, लेकिन 8 महीनों से समग्र शिक्षा अभियान को नहीं मिला बजट

Varun Kumar Bhatt

Publish: Sep 16, 2019 12:47 PM | Updated: Sep 16, 2019 12:47 PM

Banswara

- overall education campaign rajasthan

- बजट को तरसा समग्र शिक्षा अभियान
- लेकिन जनवरी से नहीं मिली राशि
- केवल वेतन मद ही हो पाया उपलब्ध

बांसवाड़ा. सरकार ने भले ही सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को मिलाकर समग्र शिक्षा अभियान बना दिया हो, लेकिन बजट के लाले पड़े हुए हैं। जनवरी से लेकर अब तक वेतन मद को छोडकऱ बाकी बजट समग्र शिक्षा अभियान को नहीं मिला। इसके चलते विभाग में विकास के काम - काज ठप पड़े हुए हंैं तो अधिकारी - कर्मचारी भी कोरी फाइलें ही प्रस्ताव के रूप में इधर - उधर भेजने का ही काम कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जिले को स्कूलों की स्थिति को सुधारने के लिए वर्तमान में 50 से 60 करोड़ रुपए की दरकिनार है। यदि ये बजट मिलता है तो काफी हद तक जिले की समस्याओं का अंत हो सकता है। विभाग के मुताबिक 30 फीसदी स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें तत्काल ही बजट की आवश्यकता है।

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128 स्कूलों में तत्काल चार से पांच कक्षा कक्ष की आवश्यकता
जिले में 128 उच्च माध्यमिक स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें तत्काल ही चार से पांच कक्षा कक्ष की आवश्यकता है। इन स्कूलों में बच्चों को जुगाड़ कर स्कूल में बैठाया जा रहा है। इनके प्रस्ताव भेजे एक साल का समय हो गया है, लेकिन अब तक एक रुपया इन स्कूलों के कक्षा कक्ष निर्माण के लिए स्वीकृत नहीं हुआ है।

यहां तो विभाग खुद ही जर्जर और खस्ताहाल में बैठा हुआ
खास बात तो यह है कि बांसवाड़ा में विभाग स्वयं ही जर्जर और खस्ताहाल भवन में बैठा हुआ है। इस भवन में बरसों पहले पुलिस विभाग की ओर से हॉस्टल का संचालन किया जाता था, तब इसका निर्माण हुआ था, वर्तमान में पानी टपक रहा है। भवन के निचले तल में मीटर लगा हुआ है और वहां पर करंट आ रहा है। पूरे फर्श पर पानी ही पानी है। बिना जूते के चलेें तो पैरों में करंट आ जाता है। हालांकि नए भवन का निर्माण हो रहा है।

कलक्टर ने भी लिखा सरकार को डीओ लेटर
इसी मामले को लेकर कलक्टर ने भी सरकार को डीओ लेटर लिखा है। हालांकि इस लेटर के बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। विभाग की ओर से भी आयुक्त समग्र शिक्षा अभियान को हर माह प्रस्ताव के साथ ही पत्र लिखा जाता रहा है, लेकिन हमेशा ही ऊपर से यही जानकारी मिलती है कि केंद्र से बजट नहीं मिला है।

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ऐसे समझे बजट की आवश्यकता को
128 स्कूलों में - तत्काल चार कक्ष की आवश्यकता, एक कक्ष 10 लाख रुपए, कुल 51 करोड़ 20 लाख रुपए की जरुरत।
645 स्कूलों में - ये प्रारंभिक शिक्षा विभाग की स्कूलें है, ये मरम्मत योग्य है। दो लाख के हिसाब से एक करोड़ 29 लाख रुपए चाहिए।
35 स्कूलों - ये अन्य स्कूलें है, जहां पर भौतिक सुविधाओं का अभाव है। यहां के लिए दो लाख के हिसाब से 70 लाख की आवश्यकता है।

स्कूलों में समस्याएं यह है...
कहीं पर कक्षा कक्ष की कमी है तो कहीं पर परकोटा नहीं है।
कहीं पर स्टॉफ के बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर भौतिक संसाधन नहीं है।

इनका कहना है
हां, यह सच है कि जनवरी से बजट नहीं मिला है। हमने प्रस्तावों के साथ भी चिट्टी लिखी है। वर्तमान में हमें 50 से 60 करोड़ की आवश्यकता है। तब हम 128 स्कूलों में कक्षा कक्ष का निर्माण करवा सकते है। हमारा प्रयास जारी है।
एजेंलिका पलात, सीडीईओ समग्र शिक्षा अभियान