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चौकी प्रभारी नहीं, तीसरी आंख भी बंद और 20 हजार की आबादी वाला घाटोल कस्बा तीन पुलिस जवानों के भरोसे?

Varun Kumar Bhatt

Publish: Sep 23, 2019 14:33 PM | Updated: Sep 23, 2019 14:33 PM

Banswara

Banswara Police News : चौकी प्रभारी नहीं, तीसरी आंख भी बंद और 20 हजार की आबादी वाला घाटोल कस्बा तीन पुलिस जवानों के भरोसे?

घाटोल/बांसवाड़ा. जिले के घाटोल कस्बे में बच्चा चोर की गलतफहमी में युवक के साथ मारपीट और एक घर के साथ पुलिस जीप पर पथराव की वारदातों ने पुलिस के सुरक्षा बंदोबस्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां हालात यह हैं कि बीस हजार की आबादी वाले कस्बे में निगरानी रखकर कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस के मात्र तीन जवान चौकी पर हैं। ऐसे में बड़े घटनाक्रम या हादसे पर इंतजाम नाकाफी होने पर मूकदर्शक बने रहने के सिवाय पुलिस के पास कोई चारा नहीं रहता। गंभीर स्थिति यह है कि बीते दिनों रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से यहां घाटोल चौकी में अब तक दूसरा चौकी प्रभारी तक लगाया नहीं जा सका है।

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गुरुवार को हुई घटना में जुटी सैंकड़ों लोगों की भीड़ को काबू करने के लिए यहां शुरुआती दौर में महज दो जवान मौके पर पहुंचे थे। ऐसे में वे क्या कर पाते। यही कारण रहा कि घटना के दूसरे दिन भी कस्बे में सुरक्षा और खासकर बच्चों को लेकर लोग चिंतित दिखलाई दिए। गौरतलब है कि क्षेत्र में बीते एक माह में ही चेन स्केनिंग, वाहनों से बैटरी चोरी सहित कई वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस बंदोबस्त को गंभीरता से नहीं लिया गया है। अभी स्थिति यह है कि कस्बे में लगे सीसीटीवी कैमरे कई माह से बंद हैं और वारदातें होने के बाद भी उन्हें दुरस्त तक नहीं करवाया गया।

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कोई प्रकरण दर्ज नहीं, स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल
कस्बे में गुरुवार शाम को बच्चा चोर की गलतफहमी में युवक के साथ मारपीट के मामले के बाद घर व पुलिस जीप पर पथराव की वारदातें लोग भले ही गंभीर मान रहे हैं, लेकिन पुलिस संजीदा प्रतीत नहीं हो रही है। इसका प्रमाण यह कि घटनाक्रम को लेकर दूसरे दिन शाम तक खमेरा थाने में कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। इधर, यह अभिभावकों के बीच यह सवाल भी उठा कि बच्चे को घर भेजते समय स्कूल प्रबंधन या शिक्षकों ने जानकारी क्यों नहीं ली। बच्चा युवक के साथ कैसे गया।