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35 लाख बच्चों की पढ़ाई और गुणवत्ता सुधार पर निगरानी में लापरवाही, प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों को नहीं मिली सीसीई की स्टेशनरी

Varun Kumar Bhatt

Publish: Sep 20, 2019 15:01 PM | Updated: Sep 20, 2019 15:01 PM

Banswara

- Holistic education campaign, education department rajasthan

- स्कूल खुले ढाई माह बीते, लेकिन समग्र शिक्षा अभियान ने नहीं भेजी सामग्री
- हर स्कूल में पांचवीं तक के बच्चे के लिए सीसीई रिकॉर्ड भरना अनिवार्य

हेमंत पंड्या. बांसवाड़ा. प्रदेश में कक्षा एक से पांचवीं तक के करीब पैंतीस लाख बच्चों की पढ़ाई और अन्य शैक्षिक गतिविधियों पर निगरानी, स्तर में सुधार और उनका रिकार्ड संधारण सरकारी अव्यवस्थाओं की भेंंट चढ़ा हुआ है। इसकी वजह यह है कि सतत और व्यापक मूल्यांकन सिस्टम [सीसीई] के तहत इन बच्चों को पढ़ाने वाले 1.45 लाख से ज्यादा शिक्षकों को इस काम के लिए जरूरी स्टेशनरी ही उपलब्ध नहीं हो पाई है जबकि सत्र शुरू हुए ढाई माह का समय बीत गया है।

ये है करना
स्कूलों में पिछली सरकार ने सीसीई लागू किया था। समग्र शिक्षा अभियान के माध्यम से इसकी गतिविधियों का संचालन तय है। इसके तहत पांचवीं तक के बच्चों का रिकॉर्ड संधारण, प्रतिदिन की प्रोग्रेस और प्रधानाध्यापक की जानकारी में देना, सप्ताह में एक दिन अभिभावकों को बुलाकर बच्चे की प्रोग्रेस से अवगत कराना, माह में एक बार अभिभावकों की बैठक कर बच्चों की रिपोर्ट सामने रखना होता है। साथ ही रिकॉर्ड में बच्चों की तीन श्रेणियां हैं। पहली श्रेणी में 60 प्रतिशत से अधिक अंक वाले बच्चे, दूसरी में 40 से 60 और अंतिम में 40 से नीचे के बच्चे। जो बच्चे कमजोर पाए जाते, उन्हें उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से अपडेट कराना होता है।

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नहीं मिली स्टेशनरी
लेकिन इस काम के लिए शिक्षक पाठ योजना डायरी, विद्यार्थी ग्रेडिंग रिकॉर्ड डायरी, विद्यार्थी परिणाम डायरी शिक्षकों को मिली ही नहीं है और ऐसे में वे बच्चों की प्रतिदिन की प्रोग्रेस का इंद्राज नहीं कर पा रहे हैं।ं बच्चों की पढ़ाई के स्तर सुधारने के काम में बाधाएं आ रही हैं।

शिक्षक का जवाब होता है - ना
निरीक्षणकर्ता स्कूल पहुंचते हैं तो सबसे पहले सीसीई रिकॉर्ड मांगते हैं, लेकिन शिक्षक का उत्तर ना में होता है क्योंकि रिकॉर्ड सहेजने के लिए शिक्षक के पास सामग्री ही नहीं है।

इनका कहना है..
हमने शुरू से ही प्रस्ताव समग्र शिक्षा अभियान को भेज रखा है, लेकिन वहीं से ही अब तक इसकी सामग्री और पाठ योजना की स्टेशनरी आदि नहीं भेजी गई है। ये सामग्री जयपुर से ही आती है।
जयदीप पुरोहित, एडीपीसी समग्र शिक्षा अभियान बासंवाड़ा

फिर गुणवत्ता कैसे आएगी
स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के लिए आने वाली सामग्री ही अब तक नहीं मिली है तो फिर गुणवत्ता कहां से आएगी।
गमीरचंद पाटीदार, अध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय