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माही बांध लबालब, अब तक करीब 40 लाख यूनिट बिजली बनाई

kamlesh sharma

Publish: Aug 15, 2019 09:56 AM | Updated: Aug 15, 2019 09:56 AM

Banswara

मध्यप्रदेश से बड़ी मात्रा में पानी की आवक से लबालब उदयपुर संभाग के सबसे बड़े माही बांध से मिल रहे पानी से रतलाम मार्ग से सटे पावर हाउस नंबर एक की दोनों इकाइयों में बिजली उत्पादन का क्रम बना हुआ है।

बांसवाड़ा। मध्यप्रदेश से बड़ी मात्रा में पानी की आवक से लबालब उदयपुर संभाग के सबसे बड़े माही बांध से मिल रहे पानी से रतलाम मार्ग से सटे पावर हाउस नंबर एक की दोनों इकाइयों में बिजली उत्पादन का क्रम बना हुआ है। इसके चलते अब तक करीब 40 लाख यूनिट बिजली बनाई जा चुकी है।

विद्युत उत्पादन निगम के अनुसार आगे कागदी बांध की भराव क्षमता को देखते हुए दोनों इकाइयों को धीमा ही चलाया जा रहा है। इस बीच, जल संसाधन विभाग ने माही बांध माही बांध का जलस्तर 281.25 मीटर बनाए रखने हुए मध्यप्रदेश से पानी की आवक बढऩे पर बुधवार को 16 गेट खोलकर 60 हजार क्यूसेक से अधिक की रफ्तार से पानी छोड़ा।

बावजूद कागदी से बायीं मुख्य नहर के जरिए लीलवानी पावर हाउस को पानी नहीं मिला। इससे यहां 45-45 मेगावाट की दोनों इकाइयां बंद ही रहने से लाखों का बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है।

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निगम के अधीक्षण अभियंता दिलीप गेहानी ने बताया कि निगम की तरफ से पूरी तैयारी रही। पूर्व में वार्ता में मिले आश्वासन को लेकर बुधवार को फिर पानी देने की बात की गई, लेकिन एलएमसी पुनरुद्धार का काम लंबित होने और आगे मशीनरी पड़ी होने से जल संसाधन विभाग के उच्चाधिकारियों ने जल प्रवाह शुरू नहीं किया।

लीलवानी में 10 लाख यूनिट का औसत बिजली उत्पादन रोज संभव है, लेकिन पानी का सदुपयोग संभव नहीं हो पा रहा है। कीमत के लिहाज से अनुमानित तीन रुपए प्रति यूनिट भी मानें, तो यहां बिजली उत्पादन नहीं होने से रोज का तीस लाख रुपए का नुकसान हो रहा है।

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