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बांसवाड़ा में कुत्तों का फिर हमला, बुजुर्ग को आए सात टांके, बहू भी जख्मी

deendayal sharma

Publish: Aug 11, 2019 14:02 PM | Updated: Aug 11, 2019 14:02 PM

Banswara

बांसवाड़ा जिले के फेफर पंचायत के केलियापाड़ा गांव में कुत्ते ने एक ही घर के तीन लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें से दो घायल हो गए और एक ने जैसे-तैसे अपना बचाव किया। बडलिया में 30 दिन के भीतर कुत्तों ने गांव के 12 लोगों को जख्मी कर चुके हैं ।

बांसवाड़ा. जिले के फेफर पंचायत के केलियापाड़ा गांव में कुत्ते ने एक ही घर के तीन लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें से दो घायल हो गए और एक ने जैसे-तैसे अपना बचाव किया। बडलिया में 30 दिन के भीतर कुत्तों ने गांव के 12 लोगों को जख्मी कर चुके हैं ।
घायल 60 वर्षीय बुजुर्ग धारजी पुत्र नाथिया भगोरा के बेटे राजू ने बताया कि सुबह तकरीबन 6 बजे घर से उसकी पत्नी सुनीता निकली तो खेत के रास्ते पर कुत्ते ने उस पर हमला कर हाथ पर काट लिया। आवाज सुनकर धारजी (सुनीता के ससुर) बचाने के लिए दौड़े तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर हाथ के पंजे को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। इसी दौरान राजू पहुंचा तो कुत्ते ने उस पर भी हमला किया। पर वह जैसे-तैसे बचा। इसके बाद वह उपचार के लिए छोटी सरवन अस्पताल और वहां से एमजी चिकित्सालय पहुंचे।

बड़लिया में 30 दिन में 12 को बनाया शिकार

चिडिय़ावासा. जिले के बडलिया में 30 दिन के भीतर कुत्तों ने गांव के 12 लोगों को जख्मी कर चुके हैं । ग्रामीणों ने बताया कि बड़लिया में बस स्टैंड से गांव में जाने वाली मुख्य सडक़ पर नई आबादी के निकट कुत्तों का झुंड रहता है। जो यहां से गुजरने वाले सभी को शिकार बनाता है। ग्रामीण राजू भगोरा, नारायण भगोरा, अशोक, प्रकाश, नितेश आदि ने बताया कि यह कुत्तों का झुंड पिछले 6 महीने से भी ज्यादा समय से ऐसे ही कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। वहीं, सरपंच का कहना है कि इन्हें पकडऩे के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
महात्मा गांधी अस्पताल : कुप्रबंधन की मार मरीज लाचार....
इधर, कुत्ते के हमले में घायलों को उपचार के लिए महात्मा गांधी चिकित्सालय में करीब दो घण्टे भटकना पड़ा। सूचना पर डिप्टी कंट्रोलर विशाल एम्ब्रोज ने मरीजों को ट्रोमा एमओटी पहुंचाकर उपचार के लिए निर्देशित किया। पर, यहां सर्जन न होने के कारण मरीजों को राहत नहीं मिल सकी। घायल के पुत्र राजू ने बताया कि वो छोटी सरवन से नौ बजे के करीब यहां चिकित्सालय पहुंचे थे और साढ़े 11 बजे के उपचार हुआ। धारजी के सात टांके आए।
इनका कहना है..
दो सर्जन के अवकाश पर थे और ओपीडी में नियुक्त सर्जन वार्ड में राउंड पर गए होंगे। जानकारी पर मरीजों का उपचार करवाया गया।
डॉ. एनएल चरपोटा, पीएमओ, एमजी अस्पताल, बांसवाड़ा