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कमीशन खाने वाले भी कैसे-कैसे, राहत राशि भी नहीं छोड़ रहे

Santosh Kumar Pandey

Publish: Aug 21, 2019 16:37 PM | Updated: Aug 21, 2019 16:37 PM

Bangalore

  • अधिकारियों से नजदीकी के हवाले मांग रहे कमीशन
  • बेलगावी जिले के अथणी तहसील में शिकायतें

बेंगलूरु. बाढ़ प्रभावित लोगों, परिवारों के लिए जिला प्रशासन की ओर फौरी तौर पर सहायता राशि वितरित की जा रही है।

ऐसी विषम प्राकृतिक स्थिति में भी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए कई ‘बिचौलिए’ राहत राशि दिलवाने के बदले में 500 से 1000 रुपए कमीशन मांग रहे हैं। बेलगावी जिले के अथणी तहसील में ऐसे बिचौलियों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ पीडित परिवारों के लिए पहले चरण में 3800 रुपए तथा दूसरे चरण में 10 हजार रुपए सहायता राशि वितरित की जा रही है। इस राशि का वितरण कर लाभार्थियों के चयन के लिए यहां पर एक समानांतर व्यवस्था का निर्माण हुआ है।

इस व्यवस्था में बिचौलिए उनके प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निकटता का हवाला देते हुए सहायता राशि मंजूर करने के लिए खुलेआम कमीशन मांगने की हद तक उतर गए हैं। प्रशासन की ओर से यह राशि दिलाने के नाम पर कई लोगों को अभी तक जानबूझ कर ‘राहत केंद्रों’ में रोका गया है। अशिक्षित लोगों से अंगूठे के निशान लगवाकर चेक ले ली जाती है और फिर कमीशन काटकर शेष रकम लाभार्थियों को मिलती है।

मदद राशि सीधे बैंक खाते में : तहसीलदार
अथणी के तहसीलदार एनएन बालिगार ने स्पष्ट किया है सहायता राशि के लिए कमीशन पाने कई शिकायतें मिली हैं।
इसलिए अब चेक से राशि नहीं दी जाएगी। सीधे नेटबैंकिंग के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि जमा की जा रही है। यह सभी खाते आधार पहचान पत्र से लिंक हंै। गांव की आबादी के मानदंड पर नहीं बल्कि मकानों की संख्या के आधार पर प्रभावित परिवार को राहत राशि वितरित की जा रही है। परिवार के हर व्यक्ति को राहत राशि नहीं दी जा सकती है।