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अदालत में शीर्ष वकीलों के बीच हुई जोरदार बहस

Rajendra Shekhar Vyas

Publish: Sep 17, 2019 23:23 PM | Updated: Sep 17, 2019 23:23 PM

Bangalore

सिंघवी और रोहतगी ने की डीके की पैरवी
रोहतगी ने कहा-सिर्फ जेल में रखने के लिए 120 बी लगाने का आधार नहीं
ईडी के वकील ने कहा -यह आपराधिक साजिश है

बेंगलूरु. डीके शिवकुमार की जमानत पर रोज एवेन्यू कोर्ट में शीर्ष वकीलों के बीच जोरदार बहस हुई। जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ईडी ने पूरे 15 दिन गुजार दिए फिर भी कह रहे हैं कि पूछताछ नहीं पूरी की गई। शिवकुमार की तबीयत बहुत खराब है। इन्हें किसी प्रकार की कोई पूछताछ की इजाजत नहीं दी जाए और जमानत पर रिहा कर दिया जाए।
सिंघवी ने आगे कहा कि ईडी यह सब कुछ शिवकुमार को परेशान करने की नीयत से कर रही है। ईडी कोर्ट में झूठ बोल रही है। उसने कहा है कि शिवकुमार के बयान लिए पर उनकी जानकारी में पूछताछ के लिए बुलाया ही नहीं। ईडी कह रही है कि शिवकुमार के 317 खाते हैं। ये कह रहे हैं कि 200 करोड़ की लान्ड्रिंग है पर सुबूत कहां हैं? किन खातों में ये पैसा जमा है। ईडी मनगढ़ंत जानकारी दे रही है। जो भी शिवकुमार ने लेन-देन किया है उसे रिटर्न करते वक्त दिखाया है तो मनी लांड्रिंग कैसे हो गई।
वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि, यहां कोई आधार नहीं बनता कि उनके मुवक्किल को सिर्फ जेल में रखने के लिए 120 बी लगा दी जाए। यह पूरा केस एक छापे के आधार पर है जो सभी अधिकारियों के सामने हुए। यह केस दस्तावेजों पर आधारित है। कोई मर्डर तो हुआ नहीं है। वे चाहते हैं कि उनके मुवक्किल को जमानत दी जाए। वे कोर्ट में पासपोर्ट जमा करने को भी तैयार हैं। उनके संबंधित खातों से सिर्फ 41 लाख रुपए मिले हैं। जिसका उन्होंने टैक्स दिया है। रोहतगी ने आगे कहा कि, इस पूरे केस में तो पीएमएलए के तहत केस बनता ही नहीं है। दूसरे लोगों से जो पैसे बरामद हुए हैं वो भी शिवकुमार के बताए जा रहे हैं। जबकि वो लोग कह रहे हैं कि पैसे उनके हैं। बेंगलूरु में 4 में से 3 आयकर की शिकायतें खारिज की जा चुकी हैं। आयकर की सारी शिकायतें 2017 की जांच पर आधारित हैं।
इसके बाद ईडी के वकील व अतिरिक्त महाधिवक्ता केएम नटराजन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पूछताछ पूरी नहीं हुई है। सुबूतों के साथ शिवकुमार का आमना-सामना कराना है। ये कह रहे हैं कि 41 लाख की बात है। जो 8 .59 करोड़ रिकवर हुए हैं उनका नियंत्रण भी शिवकुमार के पास था। यह साफ है कि यह आपराधिक साजिश है। अब तक इस मामले में 9 लोगों से पूछताछ की है। जांच के दौरान इनके बयान लिए गए हैं। जांच में 143 करोड़ के मनी लान्ड्रिंग का पता चला है। बीस विभिन्न बैंकों में 317 खाते बना कर मनी लान्ड्रिंग की गई है। इनके चार्टर्ड अकाउंटेंट का भी बयान लिया है। इन्होंने नगद पैसे देकर भी संपत्ति बनाई है। इनकी बेटी जिसकी उम्र सिर्फ 22 साल है उसके नाम पर 108 करोड़ का लेन-देन किया गया है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जज ने डीके शिवकुमार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया।