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दक्षिणी राज्यों के लोगों में होती है ज्यादा बुद्धिमत्ता व क्षमता : कर्नाटक के राज्यपाल

Ram Naresh Gautam

Publish: Sep 16, 2019 00:49 AM | Updated: Sep 16, 2019 00:52 AM

Bangalore

  • राज्यपाल (Governor) जब यह बात कह रहे थे तब राज्य की भाजपा सरकार (BJP Government) के मुख्यमंत्री (CM) बीएस येडियूरप्पा (BS Yediyurappa) और कांग्रेस (Congress) के राज्य सभा (Rajyasabha) सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) भी मौजूद थे...

  • व्यावसायी राजनेताओं की तरह दबी जुबान में बात करने के बजाय मजबूती के साथ अपनी समस्याओं को हल करने के लिए दबाव डालें।

बेंगलूरु. कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाळा (Vajubhai Vala) ने कहा है कि दक्षिणी राज्यों के लोगों में बुद्धिमत्ता व सामथ्र्य अधिक है, लेकिन उनमें समस्याओं के खिलाफ आवाज बुलंद करने के गुण का नितांत अभाव है।

राज्यपाल जब यह बात कह रहे थे तब राज्य की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा और कांग्रेस के राज्य सभा सांसद जयराम रमेश भी मौजूद थे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार (Santosh Gangwar) के उस बयान की आलोचना हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में नौकरी की कमी नहीं है, बल्कि उत्तर भारतीयों में योग्यता की कमी है।

राज्यपाल वजूभाई वाळा रविवार को बेंगलूरु शहर में फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) के सभागार में आयोजित सर एम. विश्वेश्वरय्या के जन्मदिन व एफकेसीसीआइ के स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों को पूरी नैतिकता के साथ व्यवसाय करना चाहिए और अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके करवंचना का प्रयास नहीं करना चाहिए।

व्यापार, उद्योग जगत देश की रीढ़ की हड्डी की तरह हैं, लिहाजा सरकार को उन्हें हर तरह से सहयोग देना चाहिए।

व्यावसायी राजनेताओं की तरह दबी जुबान में बात करने के बजाय मजबूती के साथ अपनी समस्याओं को हल करने के लिए दबाव डालें।

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद अधिकारियों की ऊपरी कमाई बंद हो गई है, लिहाजा उन्होंने अलग-अलग तरीकों से व्यापारियों का उत्पीडऩ शुरू कर दिया है और उनके पास इस संबंध में कई शिकायतें आई हैं।

ऐसे मामलों में व्यापारियों को डरने की जरूरत नहीं हैं, बल्कि सीधे मुख्यमंत्री के पास जाकर उस अधिकारी के बारे में शिकायत करनी चाहिए।