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मोदी, शाह, सीतारमण सबने लिया हाल लेकिन बाढ़ प्रभावितों को नहीं मिला अनुदान

Priya Darshan

Publish: Sep 15, 2019 19:40 PM | Updated: Sep 15, 2019 19:40 PM

Bangalore

  • 25 BJP MPs from Karnataka but everyone disappointed the flood affected people
  • शिवमोग्गा में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

बेंगलूरु. कर्नाटक ने इस वर्ष शताब्दी की सबसे भयानक बाढ़ का सामना किया है। राज्य के 30 में से 22 जिले बाढ़ प्रभावित रहे और लाखों लोगों का घर और फसल तबाह गया। लेकिन, बाढ़ प्रभावितों को एक महीने गुजर जाने पर भी केंद्र सरकार से कोई राहत राशि नहीं मिली है।

बाढ़ की भयावहता का जायजा लेने खुद गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर्नाटक आये। यहाँ तक कि मुख्यमंत्री येड्युरप्पा ने कहा था कि चंद्रयान 2 की लेंडिग देखने जब पीएम मोदी बेंगलूरु पहुंचेगे तब वे उनसे शीघ्र बाढ़ राहत अनुदान राशि जल्द जारी करने की अपील करेंगे। हालांकि इन सबके दौरे के बाद भी बाढ़ प्रभावितों को निराशा ही हाथ लगी है।

राज्य में आई बाढ़ से लोगों को निजात दिलवाने में राज्य व केंद्र सरकार विफल रही है। राज्य व केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए शिवमोग्गा विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस इकाई के सदस्यों ने होलेहोन्नूर क्षेत्रीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया तथा स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाढ से 22 से अधिक जिलों के लाखों लोग कठिन हालात से गुजर रहे हैं। हजारों घर ढ़ह चुके हैं। लाखों हेक्टेयर कृषि तथा बागवानी भूमि में पानी भरने की वजह से उपज बर्बाद हो चुके हैं। मकानों में पानी घुसने की वजह से काफी नुकसान हुआ है। कई जानवरों की मौत भी हो चुकी है।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य व केंद्र सरकार पर बाढ़ के हालात से निपटने में सरकार के विफल रहने का आरोप लगाया। पीडि़तों की मदद करने में राज्य व केंद्र सरकार विफल रही है। बाढ़ से जूझ रहे लोगों को मुआवजा भी नहीं दिया गया है।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर बाढ़ पीडि़तों की मदद न करने का आरोप लगाया। राज्य के 25 लोकसभा सदस्य भाजपा के ही हैं। भाजपा के लोकसभा सदस्य केंद्र सरकार पर मुआवजे के पैसे रिलीज न करने का आरोप लगाया।